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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के विजन को साकार करने की कुंजी युवाओं के पास – नायब सिंह सैनी

चंडीगढ़– हरियाणा के मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत युवाओं का देश है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी देश की युवा पीढ़ी पर है। उन्होंने इस लक्ष्य को महत्वाकांक्षी बताते हुए पूर्ण विश्वास जताया कि युवाओं की ऊर्जा, संकल्प और सामर्थ्य के बल पर इसे सफलतापूर्वक प्राप्त किया जायेगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज कुरुक्षेत्र में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत अंतर-राज्यीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम-2025’ के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। इस अवसर पर युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता तथा खेल मंत्री गौरव गौतम भी उपस्थित थे।

एक भारत श्रेष्ठ भारत’ युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम 2025 में 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 600 युवा प्रतिनिधियों ने भाग लिया – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस पहल ने युवाओं को आपस में जुड़ने, देश की विविध संस्कृतियों को समझने और एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का एक बहुमूल्य अवसर प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि देश भर से युवा यहां आए हैं, कोई उत्तर से, कोई दक्षिण से, कोई पूर्व से तो कोई पश्चिम से। आपकी भाषाएं भिन्न हो सकती हैं, खानपान की आदतें अलग हो सकती हैं, आपके लोकगीत और नृत्य भी अलग-अलग हो सकते हैं। लेकिन एक बात जो हम सभी को एक सूत्र में पिरोती है, वह है भारतीय होने की हमारी साझा पहचान। यही हमारी सबसे बड़ी ताकत और गौरव है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि जब आप अपने-अपने राज्यों में लौटें, तो इस समृद्ध अनुभव को अपने दोस्तों, परिवारों और समुदायों के साथ साझा करें। ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के महत्व और ‘युवा शक्ति, राष्ट्र शक्ति’ की भावना को जन-जन तक पहुँचाएं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल सांस्कृतिक समझ और समावेशिता को बढ़ावा देते हैं, बल्कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से राष्ट्रीय एकता और अखंडता को भी सुदृढ़ करते हैं।

मुख्यमंत्री ने युवा सशक्तिकरण के पाँच प्रमुख सफलता के मंत्र साझा किए – युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने एक उद्देश्यपूर्ण और प्रभावशाली जीवन जीने के पाँच प्रमुख सफलता मंत्र साझा किए। उन्होंने युवाओं से अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखने, शिक्षा को केवल डिग्री हासिल करने के साधन के रूप में नहीं, बल्कि ज्ञान और व्यावहारिक कौशल प्राप्त करने के एक साधन के रूप में देखने, नागरिक के रूप में अपनी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होने, मूल्यों और अखंडता को बनाए रखते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक के रूप में कार्य करने और व्यक्तिगत विकास और राष्ट्रीय विकास में योगदान देने के लिए प्रौद्योगिकी का बुद्धिमानी और रचनात्मक उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार की ज़िम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि युवाओं की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे राष्ट्र के भविष्य को आकार देने के पीछे प्रेरक शक्ति का काम करते हैं।

2,000 से ज़्यादा रोज़गार मेले आयोजित, निजी क्षेत्र में 1.06 लाख से ज़्यादा युवाओं को रोज़गार – उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं के कौशल विकास, रोज़गार और स्वास्थ्य पर विशेष ज़ोर दिया है। पिछले साढ़े दस वर्षों में 1.80 लाख युवाओं को योग्यता के आधार पर पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियाँ दी गई हैं। इसके अतिरिक्त, पूरे हरियाणा में 2,000 से ज़्यादा रोज़गार मेले आयोजित किए गए हैं, जिनके माध्यम से 1.06 लाख से ज़्यादा युवाओं को निजी क्षेत्र में रोज़गार प्रदान किया गया है। रोजगार के अवसरों को और मजबूत करने के लिए, राज्य ने उद्यमिता को बढ़ावा देने और कुशल युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से एक समर्पित एमएसएमई विभाग की स्थापना की है।

हरियाणा ने पारंपरिक और आधुनिक व्यवसायों में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कौशल विकास मिशन शुरू किया – 
मुख्यमंत्री ने लक्षित पहलों के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाने के राज्य के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विदेशों में युवाओं के लिए शिक्षा और रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ हरियाणा में विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए विदेश सहयोग विभाग की स्थापना की गई है। इसके अलावा, पारंपरिक और आधुनिक, दोनों ही व्यवसायों में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए हरियाणा कौशल विकास मिशन शुरू किया गया है। इस मिशन के तहत, 1,14,254 युवाओं ने अपनी रोज़गार क्षमता बढ़ाने के लिए कौशल प्रशिक्षण प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने युवाओं के समग्र विकास और सशक्तिकरण के उद्देश्य से कई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें सक्षम युवा योजना, ड्रोन दीदी योजना, कांट्रेक्टर  सक्षम युवा योजना, हरिहर योजना, आईटी सक्षम युवा और शिक्षा एवं कौशल संवर्धन हेतु विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं शामिल हैं।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के कार्यान्वयन में हरियाणा अग्रणी: स्कूल से विश्वविद्यालय तक कौशल शिक्षा को  किया एकीकृत –  नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सबसे पहले लागू करने के लिए एक विशेष पहल की है और इसके मूल उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए स्कूल से विश्वविद्यालय तक की शिक्षा को कौशल से जोड़ा है। राज्य ने वर्ष 2025 तक सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 शुरू करने के लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने पलवल जिले के दुधोला गाँव में देश का पहला कौशल विश्वविद्यालय – श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय – स्थापित किया है। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम में प्रतिभागियों को विभिन्न आधुनिक कौशलों से भी परिचित कराया गया। युवाओं से आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि अपने पारंपरिक ज्ञान पर गर्व करें, लेकिन नए कौशल सीखने में कभी संकोच न करें।

हरियाणा के युवा वैश्विक प्रगति के साथ तेज़ी से प्रगति कर रहे हैं – मंत्री गौरव गौतम 

हरियाणा के युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता तथा खेल मंत्री गौरव गौतम ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की प्रशंसा करते हुए उन्हें युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के गतिशील नेतृत्व में, हरियाणा ने शिक्षा, खेल, कृषि, बुनियादी ढांचे और रोज़गार सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। श्री गौतम ने अंतर-राज्यीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डाला और इसे “लघु भारत” बताया, जो देश के विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृतियों, परंपराओं और भाषाओं को जानने और सराहना का एक मूल्यवान मंच प्रदान करता है।

भारत को युवाओं का देश बताते हुए खेल मंत्री ने देश की समृद्धि को गति देने के लिए युवाओं को सशक्त और कुशल बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे दुनिया आगे बढ़ रही है, हरियाणा के युवा भी तेज़ी से प्रगति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं में अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से सार्थक सुधार लाने और देश के भविष्य को बदलने की क्षमता है। गौतम ने प्रधानमंत्री के 2047 तक विकसित भारत के विजन को साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुभाष सुधा, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा, युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव  राजीव रंजन, हरियाणा सरस्वती हेरिटेज विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धूमन सिंह किरमच, मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू, लेफ्टिनेंट जनरल जे.एस. नैन और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

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