नई दिल्ली: राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने संसद में चंडीगढ़ ट्राई-सिटी क्षेत्र जिसमें केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़, मोहाली और पंचकुला शामिल हैं के लिए मेट्रो रेल नेटवर्क स्थापित करने की मांग की। उन्होंने उत्तर भारत के सबसे तेजी से विकसित हो रहे इस शहरी क्षेत्र में बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए यह मुद्दा उठाया, जो पंजाब और हरियाणा के प्रमुख शहरों से भी जुड़ा हुआ है।संसद के मौजूदा बजट सत्र के दौरान ‘विशेष उल्लेख’ के माध्यम से राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए, सांसद सतनाम सिंह संधू ने कहा कि चंडीगढ़ ट्राई सिटी की आबादी 8.02% वार्षिक वृद्धि दर (चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर) के साथ 2041 तक 40 लाख के आंकड़े को पार कर जाएगी।
सांसद ने कहा कि चंडीगढ़ ट्राई-सिटी उत्तर भारत के प्रमुख और तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों में से एक है, जो खरड़, ज़ीरकपुर, डेरा बस्सी, लालरू, कुराली, रूपनगर, पिंजौर, कालका और अंबाला जैसे शहरों से भी जुड़ा हुआ है। इन सभी क्षेत्रों की कुल आबादी 40 लाख से अधिक है। ऐसे स्थिति में एक व्यापक मेट्रो नेटवर्क खरड़, कुराली, रूपनगर, मोरिंडा, ज़ीरकपुर, डेरा बस्सी, पिंजौर और कालका जैसे औइंडस्ट्रियल व शैक्षणिक हब को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।” सांसद सतनाम सिंह संधू ने कहा कि चंडीगढ़ ट्राई-सिटी में प्रस्तावित मेट्रो रेल नेटवर्क में रोज़ाना यात्रियों की संख्या 2031 तक लगभग 2.5 लाख तक पहुँच सकती है। अगर मेट्रो जैसी आधुनिक व्यवस्था विकसित नहीं की जाती है, तो ट्राई-सिटी के भीतर वाहनों की औसत गति मौजूदा 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा (किमी/घंटा) से घटकर 15 किमी/घंटा से भी कम हो सकती है।”
सांसद सतनाम सिंह संधू ने कहा कि चंडीगढ़ ट्राई-सिटी में प्रस्तावित मेट्रो रेल नेटवर्क जैसी आधुनिक व्यवस्था विकसित नहीं की जाती है, तो ट्राई-सिटी में वाहनों की औसत गति मौजूदा 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा (किमी/घंटा) से घटकर 15 किमी/घंटा से भी कम हो सकती है।”केंद्र सरकार से चंडीगढ़ ट्राई-सिटी क्षेत्र के लिए मेट्रो नेटवर्क विकसित करने की संभावना पर प्राथमिकता के आधार पर विचार करने की मांग करते हुए, सांसद संधू ने कहा कि यह क्षेत्र टिकाऊ शहरी परिवहन और क्षेत्रीय विकास के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में उभर सकता है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में मेट्रो नेटवर्क के उल्लेखनीय विस्तार का उल्लेख करते हुए सांसद सतनाम सिंह संधू ने कहा कि साल 2014 से पहले देश में केवल 5 शहरों में मेट्रो सेवाएं थीं, जबकि अब यह नेटवर्क 25 से अधिक शहरों तक फैल चुका है।
गौरतलब है कि चंडीगढ़ ट्राई-सिटी मेट्रो एक मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (MRTS) के रूप में प्रस्तावित है, जिसमें 3 एलिवेटेड कॉरिडोर और 50 से अधिक स्टेशन होंगे। करीब 25,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस मेट्रों प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 114 किलोमीटर होगी, जिसे 2 चरणों में पूरा किया जायेगा। पहले चरण में 89 किलोमीटर और शेष 25 किलोमीटर दूसरे चरण में पूरा होगा।रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (RITES) द्वारा तैयार तैयार डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट के अनुसार, चंडीगढ़ मेट्रो के पहले चरण का मुख्य उद्देश्य चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला को तीन कॉरिडोर के माध्यम से आपस में जोड़कर 2031 तक प्रतिदिन 6.5 लाख यात्रियों (अनुमानित) की आवाजाही सुनिश्चित करना है।वर्तमान में, चंडीगढ़ में प्रति व्यक्ति वाहन घनत्व देश में सर्वाधिक है। यहाँ 12.5 लाख आबादी पर 14.27 लाख वाहन हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चंडीगढ़ में प्रति 1,000 निवासियों पर 1,142 वाहन हैं, जो राष्ट्रीय औसत से 4 गुना ज्यादा है। 2020 से उपलब्ध रजिस्टर्ड आंकड़ों के अनुसार, प्रतिदिन औसतन 104 नए वाहन जुड़ रहे हैं। 2024 में 15 साल पुराने करीब 20,000 वाहनों को एक्सटेंशन मिला, जो पिछले पाँच वर्षों में सबसे अधिक संख्या है।



