HomeHaryanaहरियाणा की शिक्षा व्यवस्था को मिला वैश्विक मंच पर सम्मान

हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था को मिला वैश्विक मंच पर सम्मान

चंडीगढ़- हरियाणा के शिक्षा मंत्री  महीपाल ढांडा  यूनेस्को (UNESCO) के आमंत्रण पर पेरिस में 1 से 5 सितंबर तक आयोजित यूनेस्को डिजिटल लर्निंग वीक-2025 में भाग ले रहे हैं। यह प्रतिष्ठित वैश्विक आयोजन शिक्षा के भविष्य, डिजिटल लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नवीनतम तकनीकों पर केंद्रित  है, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय संगठन, नीति निर्माता, शिक्षा विशेषज्ञ और तकनीकी विद्वान शामिल हुए  हैं। इस मौके पर शिक्षा मंत्री ने विभिन्न देशों के शिक्षा मंत्रियों और प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया और हरियाणा राज्य द्वारा भारत की शिक्षा नीति 2020 के विजन के अनुरूप वैश्विक स्तर पर शिक्षा क्षेत्र में आ रहे बदलाव में विचार-विमर्श किया। उन्होंने बताया कि हरियाणा में शिक्षा नीति को इसी शैक्षिक स्तर से लागू  किया जा रहा है, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल भारत के विजन को साकार में अहम भूमिका निभाएगी।

उन्होंने बताया कि यह इस बात को प्रमाणित करता है कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और हरियाणा के मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य की शिक्षा व्यवस्था निरंतर प्रगति के नए आयाम छू रही है और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रही है।उन्होंने बताया कि हरियाणा ने विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम, ई-लर्निंग कंटेंट, डिजिटल लैब्स, शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम और विद्यार्थियों के लिए तकनीक आधारित सीखने के अवसर उपलब्ध कराकर शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। ढांडा ने कहा कि हरियाणा सरकार शिक्षा को सिर्फ पारंपरिक ढांचे तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि नई तकनीकों को अपनाकर विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रही है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हरियाणा सरकार ने डिजिटल शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और वंचित वर्ग के बच्चों को ध्यान में रखकर अनेक नवाचार लागू किए हैं।

यूनेस्को द्वारा हरियाणा की इन पहलों को मान्यता देना राज्य के लिए गर्व की बात है। इससे न केवल हरियाणा का वैश्विक स्तर पर गौरव बढ़ा है, बल्कि इससे शिक्षा जगत के अन्य हितधारकों के बीच भी राज्य की साख मजबूत हुई है।यूनेस्को डिजिटल लर्निंग वीक में हरियाणा द्वारा प्रस्तुत मॉडल की विशेषता यह रही कि कैसे राज्य ने सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) का उपयोग कर डिजिटल अंतराल (Digital Divide) को पाटने को कम करने और सरकारी व निजी स्कूलों के बीच की गेप को कम करने पर फोक्स किया। शिक्षा मंत्री के साथ शिष्ठ मंडल में हरियाणा शिक्षा विभाग अतिरिक्त मुख्य सचिव  विनीत गर्ग व अन्य अन्य़ अधिकारी मौजूद हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments