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श्वास संबंधी बीमारियों से पीड़ित 3000 से अधिक मरीजों को भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत मिला कैशलेस इलाज

चंडीगढ़ : पंजाब सरकार की ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के अंतर्गत अब तक श्वास संबंधी बीमारियों जैसे निमोनिया, दमा (अस्थमा), क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) तथा सांस लेने में कठिनाई आदि के उपचार पर लगभग 86 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जिससे पूरे राज्य में 3,000 से अधिक मरीज लाभान्वित हुए हैं।इस संबंध में जानकारी देते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि योजना के तहत अब तक श्वास संबंधी रोगों से जुड़े 3,019 उपचार किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा, “योजना शुरू होने के बाद पिछले पांच महीनों के दौरान लगभग 46 लाख लोग स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम के तहत पंजीकृत हुए हैं।”

उन्होंने बताया कि प्रति परिवार प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करने वाली यह योजना समय पर चिकित्सा सहायता की आवश्यकता वाले मरीजों, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए एक बड़ा सहारा बनकर उभरी है।डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “यदि समय पर उपचार न मिले तो श्वास संबंधी बीमारियां जानलेवा रूप धारण कर सकती हैं। ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के माध्यम से अब परिवारों को चिकित्सा आपातकाल के समय इलाज के लिए धन जुटाने की चिंता नहीं रहती। मरीज बिना किसी देरी के कैशलेस उपचार प्राप्त कर सकते हैं।”

उन्होंने कहा कि पंजाब में मौसमी बदलावों और बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण श्वास संबंधी रोग अस्पताल में भर्ती होने के सबसे सामान्य कारणों में से एक हैं। उन्होंने कहा, “अक्सर खांसी, बुखार या सांस लेने में परेशानी जैसी मामूली लगने वाली समस्याएं समय पर उपचार न मिलने के कारण गंभीर रूप धारण कर लेती हैं।”मंत्री ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण पहले कई परिवार अस्पताल जाने में देरी कर देते थे, जिससे बीमारी गंभीर हो जाती थी और उपचार का खर्च भी बढ़ जाता था। उन्होंने कहा, “2,300 से अधिक प्रक्रियाओं और उपचारों के लिए उपलब्ध कैशलेस सुविधा मरीजों को बीमारी के प्रारंभिक चरण में ही चिकित्सा सेवाएं लेने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।”

सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “यह योजना परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने के साथ-साथ समय पर उपचार को भी प्रोत्साहित कर रही है, जिससे पूरे पंजाब में स्वास्थ्य परिणामों में सुधार हो रहा है।”पटियाला के माता कौशल्या सरकारी अस्पताल के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. जोरावर सिंह ने कहा कि श्वास संबंधी रोगों के उपचार के लिए अस्पताल पहुंचने में देरी आज भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। उन्होंने कहा, “अधिकांश श्वास संबंधी रोगों का उपचार शुरुआती चरण में कहीं अधिक प्रभावी होता है। लेकिन कई मरीज तब अस्पताल पहुंचते हैं जब उनकी स्थिति काफी बिगड़ चुकी होती है, क्योंकि परिवार इलाज के लिए धन की व्यवस्था करने में लगा रहता है।

‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत मिलने वाला कैशलेस उपचार इस अंतर को कम करने में मदद कर रहा है।”डॉ. जोरावर सिंह ने कहा कि वायु प्रदूषण और मौसमी धुंध (स्मॉग) जैसे कारणों से श्वास संबंधी रोग लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, “बुजुर्गों, बच्चों तथा मधुमेह और गुर्दे की बीमारियों जैसी अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा और अधिक होता है।”उन्होंने बताया कि सांस लेने में असमर्थता से जूझ रहे अनेक मरीजों का भी इस योजना के तहत उपचार किया गया है और उन्हें अचानक आने वाली आर्थिक कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ा।नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील करते हुए डॉ. जोरावर सिंह ने धूम्रपान तथा परोक्ष धूम्रपान (सेकेंड-हैंड स्मोक) से बचने, धूल या रसायनों से जुड़े कार्यस्थलों पर सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करने तथा घरों में पर्याप्त वेंटिलेशन सुनिश्चित करने की भी सलाह दी।

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