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मांग के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु नई तकनीकों को अपनाएं बिजली निगम  – केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री  मनोहर लाल

चंडीगढ़ – केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि देश और राज्यों में बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के साथ-साथ बिजली क्षेत्र में होने वाले घाटे को कम करना समय की आवश्यकता है। इसके लिए बिजली निगमों को नई तकनीकों को अपनाते हुए लक्ष्य आधारित योजनाओं एवं परियोजनाओं पर तेजी से कार्य करना होगा, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि बिजली एक महत्वपूर्ण सेवा होने के साथ-साथ एक आर्थिक संसाधन भी है, जिसके उत्पादन और वितरण में भारी लागत आती है। इसलिए वितरण व्यवस्था को अधिक सक्षम और आधुनिक बनाना आवश्यक है।

केंद्रीय मंत्री गत देर सायं चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में हरियाणा के बिजली निगमों तथा केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान मनोहर लाल ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार, तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों में कमी, राजस्व वृद्धि तथा वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा बिजली क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है और राज्य को बिजली घाटे को शून्य करने की दिशा में और अधिक प्रयास करने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली बिलिंग और वास्तविक आपूर्ति के बीच के अंतर को न्यूनतम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2013-14 में हरियाणा के बिजली निगमों का कुल लाइन लॉस लगभग 34 प्रतिशत था, जिसमें अब उल्लेखनीय कमी आई है। इस पर केंद्रीय मंत्री ने संतोष व्यक्त करते हुए सुधार की गति को और तेज करने के निर्देश दिए।

’प्रीपेड और स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश’ – केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने राज्य में प्रीपेड मीटरिंग प्रणाली के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रथम चरण में सरकारी कार्यालयों, सरकारी भवनों और सरकारी कर्मचारियों के परिसरों में इसे लागू किया जाए। इसके पश्चात 10 किलोवाट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं तथा अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं को इस प्रणाली से जोड़ा जाए।स्मार्ट मीटरिंग योजना की समीक्षा के दौरान  मनोहर लाल ने कहा कि स्मार्ट मीटरों का शीघ्र विस्तार बिजली क्षेत्र में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ बिजली हानियों को कम करने में सहायक होगा। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि भविष्य में प्रदेश के सभी नए उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर आधुनिक तकनीक से युक्त हैं तथा सौर ऊर्जा प्रणालियों के साथ एकीकृत होने की क्षमता रखते हैं।

‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना बनी सफलता की मिसाल’ – बैठक में केंद्रीय मंत्री ने ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना हरियाणा में ग्रामीण बिजली आपूर्ति सुधारने की दिशा में अत्यंत सफल साबित हुई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 6,117 गांवों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व में केवल सीमित संख्या में गांवों को ही चौबीस घंटे बिजली मिलती थी, जबकि आज हरियाणा ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली उपलब्धता के मामले में अग्रणी राज्यों में शामिल है।

’हरियाणा के पास वर्तमान मांग से अधिक बिजली उपलब्ध’ – बैठक में राज्य की वर्तमान एवं भविष्य की बिजली मांग और उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा के पास वर्तमान में 16,552 मेगावाट से अधिक अनुबंधित बिजली क्षमता उपलब्ध है। इसमें लगभग 9,929.92 मेगावाट क्षमता तापीय, परमाणु और गैस आधारित स्रोतों से तथा 6,622.58 मेगावाट क्षमता जलविद्युत, सौर, पवन, बायोमास और अन्य नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त हो रही है। बैठक में यह भी बताया गया कि चालू वर्ष में हरियाणा में अधिकतम बिजली मांग लगभग 16,454 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि राज्य के पास इससे अधिक बिजली उपलब्ध है। वहीं वर्ष 2029-30 तक प्रदेश में अधिकतम बिजली मांग बढ़कर लगभग 19,481 मेगावाट तक पहुंच सकती है, जिसके मद्देनजर दीर्घकालिक ऊर्जा योजना पर कार्य किया जा रहा है।

’प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सौर ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा’ – बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा में चालू वर्ष के दौरान 2.20 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें से अब तक लगभग 86 हजार सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि इस योजना के तहत छोटे और मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं को विशेष प्राथमिकता दी जाए, ताकि अधिक से अधिक परिवार सौर ऊर्जा से जुड़ सकें और बिजली खर्च में कमी ला सकें। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना समय की मांग है और इसके लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है।

बैठक में हरियाणा ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़, उत्तर एवं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक बिक्रम सिंह, हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. आदित्य दहिया, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की निदेशक संगीता तेतरवाल तथा केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय व राज्य बिजली निगमों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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