HomeHaryanaहरियाणा में 2027 तक 2.22 लाख रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने का लक्ष्य - अनिल विज

हरियाणा में 2027 तक 2.22 लाख रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने का लक्ष्य – अनिल विज

चंडीगढ़- हरियाणा के ऊर्जा मंत्री  अनिल विज ने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई ‘पीएम सूर्य घर रू मुफ्त बिजली योजना’ को अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने ‘सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना’ लागू की है। इसके तहत पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की सब्सिडी के अतिरिक्त श्रेणीबद्ध तरीके से ब्याज-मुक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे प्रदेश में सौर ऊर्जा को व्यापक स्तर पर बढ़ावा मिलेगा।

 विज ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में संशोधन संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 तक प्रदेश में 2.22 लाख रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए उपभोक्ताओं को ब्याज-मुक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे प्रारंभिक निवेश का बोझ कम होगा और बिजली बिलों में उल्लेखनीय बचत सुनिश्चित होगी।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि योजना के तहत गैर-बकायेदार उपभोक्ताओं, राज्य सरकार के कर्मचारियों तथा अंत्योदय परिवारों को विशेष लाभ प्रदान किया जाएगा। पात्र उपभोक्ता अपने घरों पर 5 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कर सकेंगे, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए अतिरिक्त राज्य वित्तीय सहायता का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और डिजिटल बनाया गया है। उपभोक्ता डिस्कॉम पोर्टल के माध्यम से अपनी पात्रता की जांच कर सकेंगे तथा राष्ट्रीय पोर्टल से जुड़कर आवेदन प्रक्रिया को आसानी से पूरा कर पाएंगे।

सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना’ की पात्रता शर्तें हुईं सरल और आसान- विज

 विज ने कहा कि श्रेणी-1 के गैर-डिफॉल्टर उपभोक्ताओं के लिए अब तीन वर्षों तक लगातार समय पर बिजली बिल जमा करने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। संशोधित व्यवस्था के अनुसार आवेदन के समय केवल तत्काल पूर्ववर्ती बिलिंग चक्र में गैर-बकायेदार होना पर्याप्त होगा। इससे अधिक संख्या में घरेलू उपभोक्ता 5 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर संयंत्र के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने के पात्र बन सकेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार, बोर्ड, निगम एवं अन्य संस्थाओं के कर्मचारी, जिनमें रोजगार सुरक्षा वाले एचकेआरएन कर्मचारी भी शामिल हैं, यदि पिछले बिलिंग चक्र में डिफॉल्टर नहीं हैं तो वे भी 5 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने के लिए योजना का लाभ उठा सकेंगे।

इसी प्रकार, परिवार पहचान पत्र के अनुसार वार्षिक आय 3 लाख रुपये तक वाले अंत्योदय परिवारों को 2 किलोवाट क्षमता तक के रूफटॉप सोलर संयंत्रों के लिए राज्य वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। विज ने स्पष्ट किया कि सभी श्रेणियों के आवेदकों के लिए यह आवश्यक होगा कि उनके नाम पर प्रदेश के किसी भी डिस्कॉम क्षेत्राधिकार में कोई अन्य बिजली कनेक्शन बकायेदार न हो, ताकि योजना का लाभ वास्तविक एवं पात्र उपभोक्ताओं तक ही पहुंचे।

उपभोक्ताओं को मिलेगी ब्याज-मुक्त वित्तीय सहायता – विज

इसी क्रम में ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि श्रेणी-1 और श्रेणी-2 के उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए आकर्षक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 1 किलोवाट क्षमता के रूफटॉप सोलर संयंत्र की अनुमानित लागत 55 हजार रुपये है, जिसमें उपभोक्ता को केवल 5,500 रुपये (10 प्रतिशत) का प्रारंभिक अंशदान करना होगा। शेष राशि में केंद्र सरकार द्वारा 30 हजार रुपये की सब्सिडी तथा बिजली निगम द्वारा 19,500 रुपये तक की ब्याज-मुक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे उपभोक्ता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।

इसी प्रकार, 2 किलोवाट क्षमता के संयंत्र के लिए भी उपभोक्ता को मात्र 10 प्रतिशत राशि का भुगतान करना होगा और केंद्र सरकार से 60 हजार रुपये की सब्सिडी मिलने के बाद शेष राशि के लिए बिना ब्याज के वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, 3 से 5 किलोवाट क्षमता के संयंत्रों पर केंद्र सरकार द्वारा 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी के अतिरिक्त बिजली निगम द्वारा 58,500 रुपये से 97,500 रुपये तक की ब्याज-मुक्त सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।विज ने कहा कि योजना का उद्देश्य प्रत्येक परिवार को स्वच्छ, किफायती और आत्मनिर्भर ऊर्जा उपलब्ध कराना है, जिससे उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में उल्लेखनीय कमी आएगी और प्रदेश में हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।

योजना का अंतोदय परिवारों को भी मिलेगा लाभ- विज

ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि राज्य सरकार अंत्योदय परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि परिवार पहचान पत्र के अनुसार वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक वाले पात्र अंत्योदय परिवारों को 1 किलोवाट क्षमता के रूफटॉप सोलर संयंत्र पर केंद्र सरकार की 30 हजार रुपये की सब्सिडी के अतिरिक्त राज्य सरकार की ओर से वास्तविक लागत का 40 प्रतिशत अथवा 25 हजार रुपये प्रति किलोवाट, जो भी कम हो, के अनुसार अतिरिक्त राज्य वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह प्रावधान आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को न्यूनतम लागत पर स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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