गुरुग्राम । पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने गुरुग्राम में कांग्रेस नेता व कार्यकर्ताओं की बैठक ली। इसमें उन्हें SIR को लेकर ट्रेनिंग दी गई कि किस तरह वोट्स बनवाने हैं और किस तरह फर्जी वोटों को कटवाना है। कांग्रेस का मकसद स्पष्ट है कि फर्जी वोट बने ना और सही वोट काटे ना। इसके लिए प्रदेशभर में कांग्रेस के तमाम नेता, कार्यकर्ता व पूरा संगठन सक्रिय है। इस मौके पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि चुनाव आयोग और भाजपा मिलकर चुनाव में धांधली कर रही हैं। ये धांधली हरियाणा के नतीजे से स्पष्ट हो चुकी है और SIR के जरिए वोटर लिस्ट को मैनिपुलेट करने का सच पश्चिम बंगाल चुनाव से उजागर हो चुका है।
हुड्डा ने याद दिलाया कि किस तरह हरियाणा में वोटिंग के बाद लगातार तीन दिनों तक वोट परसेंटेज के आंकड़े बढ़ते चले गए। यह अप्रत्याशित था कि वोटिंग पूरी होने के इतने घंटे बाद भी वोट अपने आप बढ़ते जा रहे थे।हांसी के चानौत गांव में ग्रामीणों के साथ सरकार ने जिस तरह धोखा और तानाशाही की, इसपर हुड्डा ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पानी जैसी आधारभूत सुविधा के लिए मांग उठा रहे हैं। लेकिन सरकार उन्हें झूठ बोलकर धोखे में रख रही है।साथ ही उन्होंने कहा कि आज पूरा हरियाणा पानी की किल्लत से जूझ रहा है। लेकिन मुख्यमंत्री रोज पंजाब जाते हैं, फिर भी वो कभी हरियाणा के पानी को लेकर बात नहीं करते।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कई रिपोर्ट्स का हवाला देकर बताया कि बीजेपी सरकार के कार्यकाल में हरियाणा किस तरह हरेक क्षेत्र में बुरी तरह पिछड़ चुका है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की सोशल प्रोग्रेसिव इंडेक्स के अनुसार 33 पॉइंट के साथ हरियाणा सबसे असुरक्षित प्रदेश है। इंडिया जस्टिस रिपोर्ट के अनुसार पिछले 5 साल में हरियाणा पुलिस की रैंकिंग 8वें स्थान से खिसककर 14वें स्थान पर पहुँच गई है। 18 बड़े राज्यों में हरियाणा पुलिस 14वें नंबर पर है। हैप्पीनेस इंडेक्स में हरियाणा देश में 16 नंबर पर है। केंद्र के ग्रामीण विकास मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक परफॉर्मेंस के मामले में हरियाणा 11वें स्थान पर है।नीति आयोग की SDG (Sustainable Development Goals ) रिपोर्ट 2023-24 के अनुसार हरियाणा पूरे देश मे 14वें नंबर पर है। नीति आयोग के अनुसार फिस्कल हैल्थ इंडेक्स में हरियाणा 18 राज्यों मे 14वें स्थान पर है।
NCRB की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 3 साल में भ्रष्टाचार के 187% मामले बढ़े हैं। हरियाणा भ्रष्टाचार में 6 नंबर पर पहुंच गया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार किसानों पर कर्ज के मामले में हरियाणा देश में चौथे स्थान पर है। औसतन हर परिवार पर 1 लाख 82 हजार 922 रुपए का कर्ज है।हरियाणा पर जो कर्जा 2014 तक 60 हजार करोड़ था, वो अब बढ़कर साढ़े 5 लाख करोड़ हो चुका है। नीति आयोग की Export Preparedness Index (EPI) 2024 रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा समग्र रैंकिंग में गिरकर 10वें स्थान पर पहुँच गया है। जबकि EPI 2021 की रिपोर्ट में यह 5वें स्थान पर था। राज्य का स्कोर भी 63.55 से गिरकर 55.01 हो गया है, जो सीधे-सीधे सरकार की नीतिगत विफलता का प्रमाण है।भाजपा सरकार की गलत नीतियों के चलते हरियाणा से लगातार उद्योग पलायन कर रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2018-19 से अब तक हरियाणा में 1446 फैक्ट्रियां या तो बंद हो गई या पलायन कर गई। पिछले 5 सालों में हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्र में 12.2% की गिरावट आई है।



