नई दिल्ली। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की ऊंची कीमतों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता होने के बावजूद आम जनता को राहत नहीं दे रही है।सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने बयान में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट के बावजूद पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में कमी नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है।कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव के दौरान कच्चे तेल की कीमतें 138 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं।
उनके अनुसार, उस समय पेट्रोल और डीजल की कीमतें मौजूदा स्तर से कम थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल घटकर लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है, तब भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अपेक्षित कमी क्यों नहीं की गई। खड़गे ने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि युद्ध और आपूर्ति संकट का हवाला देकर कीमतें बढ़ाई गई थीं, लेकिन अब परिस्थितियां सामान्य होने के बावजूद उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल रही है। कांग्रेस का कहना है कि आम उपभोक्ताओं, विशेषकर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग पर ईंधन की ऊंची कीमतों का सीधा असर पड़ रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार ईंधन पर करों के माध्यम से अतिरिक्त राजस्व जुटा रही है। खड़गे ने कहा कि महंगे ईंधन का प्रभाव परिवहन लागत, खाद्य पदार्थों की कीमतों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर भी पड़ता है, जिससे महंगाई बढ़ती है।



