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मनरेगा को कमजोर कर नई योजना लाना ग्रामीण गरीबों के हितों के खिलाफ, सरकार पुनर्विचार करे : कुमारी सैलजा

चंडीगढ़ – अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी.) की सदस्य, सिरसा लोकसभा क्षेत्र की सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार द्वारा एक जुलाई से लागू की जा रही नई ग्रामीण रोजगार योजना वीबी जी, आरएएम जी को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि नई व्यवस्था से राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है, मजदूरों के अधिकार कमजोर होते हैं या रोजगार की उपलब्धता प्रभावित होती है, तो सरकार को इस पर तत्काल पुनर्विचार करना चाहिए।
कुमारी सैलजा ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का आधार रहा है। यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रही, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, पलायन रोकने और गरीब परिवारों की आजीविका सुरक्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। सांसद ने कहा कि नई योजना को लेकर विभिन्न राज्यों द्वारा वित्तीय हिस्सेदारी, मजदूरी दर, रोजगार के दिनों तथा अन्य प्रावधानों पर उठाई गई आपत्तियां यह संकेत देती हैं कि योजना के कई पहलुओं पर व्यापक सहमति नहीं बन सकी है। यदि स्वयं विभिन्न राज्य सरकारें अतिरिक्त वित्तीय बोझ और व्यवहारिक कठिनाइयों की ओर ध्यान आकर्षित कर रही हैं, तो केंद्र सरकार को उनकी बात गंभीरता से सुननी चाहिए।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि किसी भी नई योजना का उद्देश्य गरीबों के अधिकारों को कम करना नहीं, बल्कि उन्हें और अधिक मजबूत बनाना होना चाहिए। यदि रोजगार गारंटी योजना में राज्यों की वित्तीय जिम्मेदारी बढ़ाई जाती है, तो इसका सीधा असर ग्रामीण विकास कार्यों और मजदूरों को मिलने वाले रोजगार पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि मजदूरी दर को वर्तमान महंगाई के अनुरूप बढ़ाया जाना चाहिए ताकि श्रमिक सम्मानजनक जीवनयापन कर सकें। साथ ही, कृषि सीजन के दौरान रोजगार उपलब्ध कराने से जुड़े प्रावधानों को भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार लचीला बनाया जाना चाहिए।
कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार से मांग की कि नई योजना को जल्दबाजी में लागू करने के बजाय सभी राज्यों, पंचायत प्रतिनिधियों, श्रमिक संगठनों और विशेषज्ञों से व्यापक विचार-विमर्श कर आवश्यक संशोधन किए जाएं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि ग्रामीण गरीबों के रोजगार, आय और सामाजिक सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता न हो। सांसद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा ग्रामीण गरीबों, किसानों, खेत मजदूरों और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है और भविष्य में भी उनके हितों की आवाज मजबूती से उठाती रहेगी।
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