जयपुर। राजस्थान के दौसा जिले में बुधवार सुबह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक हृदय विदारक सड़क दुर्घटना में आठ तीर्थयात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 21 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा तब हुआ जब ऋषिकेश से इंदौर जा रही एक टूरिस्ट बस मुंबई की ओर जाने वाले मार्ग पर खड़ी एक खाली ट्रॉली से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों में तुरंत आग लग गई और बस देखते ही देखते धू-धूकर जलने लगी। बस में लगभग 37 तीर्थयात्री सवार थे, जिनमें से कई नींद में थे और उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिला।घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और आपातकालीन प्रतिक्रिया दल तत्काल मौके पर पहुंचे। दौसा के पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित स्वयं बचाव कार्य की निगरानी कर रहे थे।
दमकल की टीमों को आग पर काबू पाने में करीब तीन घंटे का समय लगा, क्योंकि आग की लपटें काफी तेज थीं। जब तक आग बुझाई गई, तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। आग पर काबू पाने के बाद जले हुए शवों को बस से निकाला गया और जिला अस्पताल भेजा गया। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण बस चालक को झपकी आना बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने यह भी आशंका जताई है कि बस की डिक्की में सिगरेट के बॉक्स रखे हुए थे, जिसके कारण आग और तेजी से फैली।
हालांकि, इस बात की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। दुर्घटनाग्रस्त बस हंस ट्रेवल्स की बताई जा रही है।यह भीषण हादसा सुबह करीब 3.30 बजे हुआ, जब अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे। इस दुखद घटना ने एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा उपायों और रात की यात्रा के दौरान चालकों की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के सटीक कारणों तथा जिम्मेदार लोगों की पहचान के लिए विस्तृत जांच जारी है। इस दुर्घटना से तीर्थयात्रा पर निकले परिवारों में मातम छा गया है, और प्रशासन जल्द से जल्द जांच पूरी कर पीडि़तों को न्याय दिलाने का आश्वासन दे रहा है।



