नई दिल्ली। देशभर में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब पूरी तरह से सक्रिय हो गया है, और भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 1 जुलाई, बुधवार को कई राज्यों में झमाझम बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इस बीच, अरुणाचल प्रदेश के लोअर सियांग जिले में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही हुई है। 14 गांवों के 3,100 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। नारी-कोयू क्षेत्र में धान के खेतों, कृषि भूमि, निजी संपत्ति और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
तबिरीपो साकू, लोग्लू, रोटे, रामे और कोयू सहित कई गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है, जिससे लगभग 500 परिवार अलग-थलग पड़ गए हैं। कई वाहन और पशु बाढ़ में बह गए, और दो मकान जलकर नष्ट हो गए। बिजली, पेयजल और संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। जिला प्रशासन, सेना, आईटीबीपी, बीआरओ, पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवक राहत व सड़क बहाली अभियान में जुटे हैं, और प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पूर्वी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिसमें पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है।
पूर्वी और मध्य भारत में भी मॉनसून – पूर्वी और मध्य भारत में भी मॉनसून का प्रभाव तेज रहेगा। बिहार और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जबकि उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है, जहां लोगों को बिजली गिरने और तेज हवाओं से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पूर्वोत्तर भारत में भी मॉनसून पूरी तरह सक्रिय है, जिसमें अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के कुछ इलाकों में भारी बारिश की आशंका है।पश्चिमी भारत की बात करें तो गोवा, गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है। गोवा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा से जलभराव और यातायात बाधित होने की संभावना है।
दक्षिण भारत में बारिश रहेगी जारी – दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में व्यापक वर्षा जारी रहेगी। केरल, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। आईएमडी ने मछुआरों, पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वालों और निचले इलाकों के निवासियों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
उप्र में बारिश की रफ्तार बढ़ी – उत्तर प्रदेश में मॉनसून के सक्रिय होने से बारिश की रफ्तार बढ़ी है, पिछले 24 घंटों में बरेली में सर्वाधिक 157 मिमी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो-तीन दिनों में मॉनसून प्रदेश के शेष हिस्सों में भी सक्रिय हो जाएगा। जुलाई के लिए आईएमडी का पूर्वानुमान है कि देशभर में कुल वर्षा सामान्य से कम रह सकती है, हालांकि उत्तर-पश्चिम, पूर्व-मध्य और पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने के आसार हैं।



