नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए घर खरीदार के हक में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने बिल्डर पर कड़ा एक्शन लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून का कोई सिद्धांत नहीं है कि बिल्डर द्वारा लगाया गया ब्याज खरीदार को कभी नहीं दिया जा सकता। दरअसल एक मामले में घर खरीदार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुृप्रीम कोर्ट ने एक मामले में सुनवाई करते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने प्लॉट के कब्जे में देरी पर घर खरीदार को राहत दी है।
कोर्ट ने प्लॉट पर कब्जे की अवधि में देरी पर ब्याज 9% बढ़ाकर 18% कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जो बिल्डर भुगतान में देरी पर खरीदारों पर 18% ब्याज लगाता है, वह खरीदार को समय पर कब्जा न देने पर उसी दायित्व से बच नहीं सकता। कोर्ट ने कहा कि कानून का कोई सिद्धांत नहीं है कि बिल्डर द्वारा लगाया गया ब्याज खरीदार को कभी नहीं दिया जा सकता। दरअसल एक मामले में घर खरीदार ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता ने कहा कि उसने 2006 में एक प्लॉट बुक किया था और 28 लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया था। इसके बाद भी मई 2018 तक उसे प्लॉट पर कब्जा नहीं दिया गया। इसलिए उसने ब्याज सहित मूल राशि वापस पाने के लिए एक उपभोक्ता शिकायत कोर्ट में दायर की थी।



