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बरिंदर कुमार गोयल द्वारा दोआबा क्षेत्र में दरिया किनारे बाढ़ रोकने के कार्यों का जायज़ा

चंडीगढ़/शहीद भगत सिंह नगर- पंजाब के जल स्रोत, खनन एवं भू-विज्ञान तथा भूमि एवं जल संरक्षण मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज दोआबा क्षेत्र के दो दिन के दौरे की शुरुआत की। यह दौरा दरिया और अन्य संवेदनशील स्थानों पर चल रहे बाढ़ रोकने के कामों की स्थिति का जायजा लेने के लिए पूरे प्रदेश में किए जा रहे दौरों का हिस्सा है।दौरे के दौरान कैबिनेट मंत्री ने विधायक बलाचौर संतोष कटारिया के साथ बलाचौर उपमंडल में सतलुज दरिया के किनारे स्थित गांव बंगा बेट और खोजा बेट का दौरा किया और 2.30 करोड़ रुपये की लागत से हाल ही में पूरा हुए बाढ़ रोकथाम कामों का निरीक्षण किया।

इस प्रोजेक्ट के तहत बांध पर 910 फीट लंबा बाढ़ रोकथाम रिवेटमेंट और 8 स्टड बनाए गए हैं ताकि दरिया के किनारे के कटाव को रोका जा सके और बांध को मजबूत किया जा सके। गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने पूरे प्रदेश में बाढ़ रोकथाम उपायों पर 450 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए है। यह दरिया के बांधों को मजबूत करने और लोगों को बाढ़ की तबाही से बचाने के लिए अब तक का सबसे बड़ा निवेश है।कैबिनेट मंत्री ने आगे बताया कि बाढ़ रोकथाम कामों में 101 बोल्डर और हाइब्रिड रोकू काम, 17 बांधों को ऊंचा चढ़ाने के काम, 22 बांधों को मजबूत करने के काम, 188 नालियों की सफाई और 5 बाढ़ नियंत्रण गेट चलाने के काम शामिल हैं। इन सभी पर कुल लगभग 450 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

पिछली सरकारों पर बाढ़ प्रबंधन के महत्वपूर्ण मुद्दे को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए, जिसके कारण वर्षों से बड़ी तबाही और मुश्किलें हुईं, कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने पहली बार पूरे प्रदेश में इतने बड़े स्तर पर बाढ़ रोकू काम करवाए है। उन्होंने जोर देकर कहा कि करोड़ों रुपये की लागत वाले बाढ़ रोकथाम बुनियादी ढांचे का असर पहले ही दिखाई दे रहा है और इससे संवेदनशील इलाकों में बाढ़ का प्रभाव काफी हद तक कम हो जाएगा। सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मंत्री ने कहा कि दरिया किनारे बसे लोगों की जान, माल और कृषि भूमि की रक्षा के लिए फंडों की कोई कमी नहीं है।

इस प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि बंगा बेट और खोजा बेट में यह प्रोजेक्ट लगभग 2,500 निवासियों और करीब 10,000 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि को बाढ़ और नदी के कटाव से बचाव प्रदान करेगा। मंत्री ने बताया कि पहले बाढ़ जैसी स्थिति के कारण कटाव बहुत ज्यादा हो गया था, जिससे नदी के बर्म और बांध के बीच दूरी कम हो गई थी और आस-पास के गांवों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया था। इसलिए यह काम करना जरूरी हो गया था। यह प्रोजेक्ट दरिया की पानी ले जाने की क्षमता और बाढ़ के पानी के प्रबंधन में भी सुधार करेगा।
बाढ़ की तैयारी के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए गोयल ने कहा कि एक विशेष समिति ने पिछले बाढ़ों के आधार पर पंजाब भर में दरिया के सभी संवेदनशील स्थानों की पहचान की थी, जिनमें से लगभग सभी को युद्ध स्तर पर मजबूत किया गया है।

उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ रोकू कामों की सख्त निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और जोर देकर कहा कि बाढ़ से लोगों की जान, माल और कृषि भूमि की रक्षा के लिए फंडों की कोई कमी नहीं है।विधायक बलाचौर संतोष कटारिया समेत स्थानीय निवासियों ने दरिया किनारे मंत्री के पहुंचने पर उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हाल ही में पूरा हुए बाढ़ रोकू काम भारी बारिश और मानसून के मौसम के दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में बहुत मददगार साबित होंगे।पंजाब सरकार का धन्यवाद करते हुए स्थानीय गांव निवासियों ने कहा कि उन्होंने पहले कभी इस इलाके में इतने व्यापक और बड़े स्तर पर बाढ़ रोकथाम उपाय नहीं देखे और उम्मीद जताई कि यह उपाय बाढ़ के बार-बार आने वाले खतरे से स्थायी राहत देंगे।इस मौके पर सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर ड्रेनेज और माइनिंग अमरिंदर सिंह पंधेर, कार्यकारी इंजीनियर तुषार गोयल, एस.डी.ओ. हरकमल हीरा मौजूद थे।

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