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प्रदेश के हर जिले में खुलेगा स्टार्टअप्स का द्वार, युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार का बनेगा मजबूत आधार- मुख्यमंत्री

चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ‘हरियाणा विजन@2047’ को धरातल पर उतारने के लिए सरकार प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के हर जिले में स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जाए और नया व्यवसाय शुरू करने में उद्यमियों को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक अड़चन नहीं आनी चाहिए। मुख्यमंत्री सिविल सचिवालय में ‘हरियाणा विजन@2047’ के तहत ‘विजन -टू-एक्शन प्लान’ को लेकर एमएसएमई, उद्योग, स्टार्टअप और एचएसआईआईडीसी (HSIIDC) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

स्थानीय रोजगार और स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा – मुख्यमंत्री ने कहा कि बरवाला क्षेत्र में एक विशेष वुडन जोन व वुडन मार्केट बनाकर वहां आधुनिक शोरूम विकसित किए जाएं। इससे स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि होगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि कैलेंडर बनाकर प्रदेश के प्रत्येक जिले में स्वदेशी मेलों का आयोजन किया जाए। इसके अतिरिक्त, राखी बनाने के उद्योग में स्वयं सहायता समूहों  को व्यापक स्तर पर शामिल किया जाए और उनके उत्पादों की वैश्विक बिक्री के लिए उन्हें वॉलमार्ट, एमेजॉन जैसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के साथ जोड़ा जाए।

नियामक प्रक्रियाएं होंगी सुगम, 50 प्रतिशत घटेगा स्वीकृति समय – व्यापार को सुगम बनाने  के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में ‘राज्य नवाचार एवं एमएसएमई परिषद’ तथा ‘स्टार्टअप एडवाइजरी काउंसिल हरियाणा’ का गठन किया जाएगा। पुनर्गठित सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम के माध्यम से व्यावसायिक स्वीकृतियों का समय 45 दिनों से घटाकर 30 दिन किया जाएगा, जिसे आगे चलकर 50 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य है। हर जिले में स्टार्टअप्स को हैंड होल्डिंग सहायता देने के लिए समर्पित ‘स्टार्टअप संपर्क अधिकारी’  तैनात किए गए हैं।

10 नए पद्मा क्लस्टर और 2,000 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड – बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि राज्य की प्रतिष्ठित ‘पद्मा’  योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में 10 नए औद्योगिक क्लस्टर स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, स्टार्टअप्स के लिए वृद्धि पूंजी  सुनिश्चित करने हेतु 2,000 करोड़ रुपये का ‘हरियाणा स्टार्टअप फंड ऑफ फंड्स’ स्थापित किया जा रहा है, जबकि 250 करोड़ रुपये का ‘आत्मनिर्भर स्टार्टअप वेंचर फंड’ पहले ही शुरू किया जा चुका है।

ग्रामीण कौशल केंद्र, आईटीआई सुधार और हरित पहल पर रहेगा फोकस – बैठक में जानकारी दी गई कि कौशल विकास विभाग के साथ मिलकर 100 उच्च क्षमता वाले ग्रामीण क्षेत्रों (जैसे हिसार में बीड्स निर्माण, पानीपत में हथकरघा, करनाल में कृषि उपकरण व डेयरी, यमुनानगर में पॉटरी) की पहचान कर विशेष कौशल केंद्र खोले जाएंगे। पीएम सेतु योजना के तहत आईटीआई  में नए कोर्स शुरू किए जाएंगे। कम से कम 25 उद्योग-संचालित आईटीआई को निजी उद्योगों द्वारा गोद लिया जाएगा ताकि 70 प्रतिशत से अधिक युवाओं को सीधा रोजगार मिल सके। नई नीति के तहत सोलर रूफटॉप अपनाने पर 2,000 से अधिक एमएसएमई को वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाएगा। पानीपत में 10,000 TPA क्षमता का ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है।

महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा – महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ‘महिला उद्यमिता मंच’  के तहत 11.5 करोड़ रुपये आरक्षित किए गए हैं, जिससे 500-600 इच्छुक महिला उद्यमियों को मेंटरिंग व वित्तीय लिंकेज मिलेगा। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्रों में बाल-देखभाल केंद्रों  की स्थापना की जाएगी।मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि कुरुक्षेत्र, हिसार और रोहतक को तिरुवनंतपुरम के ‘टेक्नोपार्क’ मॉडल पर वैकल्पिक आईटी हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, राज्य में हरित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ‘मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026’ और ‘हरियाणा प्रगतिशील एमएसएमई एवं निर्यात संवर्धन नीति 2026’ के माध्यम से बड़े पैमाने पर निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा। बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री के प्रधान मुख्य सचिव राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित अग्रवाल व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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