नई दिल्ली। कांग्रेस ने भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत को देश की समकालीन राजनीति में एक परिवर्तनकारी घटना बताया है, जिसने राष्ट्र में नई उम्मीद और नया संकल्प पैदा किया। कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने ऐतिहासिक पदयात्रा 7 सितंबर, 2022 को कन्याकुमारी से शुरू की थी, जिसका समापन 30 जनवरी, 2023 को श्रीनगर में एक रैली के साथ हुआ।कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने पदयात्रा को एक निर्णायक मोड़ बताया, जिसने देश में नई ऊर्जा और संकल्प का संचार किया।
राहुल गांधी के नेतृत्व में, यह यात्रा 145 दिनों में 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों से होकर 4,080 किलोमीटर की दूरी तय कर श्रीनगर पहुंची थी। इसमें राहुल गांधी के साथ करीब 120 अन्य भारत यात्री भी शामिल हुए थे। कांग्रेस पार्टी के अनुसार, लाखों भारतीयों ने पदयात्रा को अपना समर्थन और सहयोग दिया, जो बढ़ती आर्थिक असमानताओं, सामाजिक ध्रुवीकरण और बढ़ते राजनीतिक अधिनायकवाद से चिंतित थे। कांग्रेस नेता रमेश ने स्पष्ट किया कि यात्रा का मूल उद्देश्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा संवैधानिक सिद्धांतों पर हो रहे व्यवस्थित हमले को वैचारिक चुनौती देना था। उन्होंने जोर दिया कि यात्रा का लक्ष्य मन की बात कहना नहीं, बल्कि जनता की चिंता सुनना था।



