नई दिल्ली। देशभर में मानसून अपने सबसे सक्रिय चरण में पहुंच गया है, जिससे कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग ने अगले चार से छह दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा होने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है, जिसके प्रभाव से व्यापक वर्षा की संभावना बनी हुई है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अत्यधिक वर्षा की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन को सतर्क रहने और संभावित बाढ़ व जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं। कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की भी आशंका जताई गई है। भारी बारिश का असर औद्योगिक गतिविधियों पर भी दिखाई दे रहा है। गुजरात में लगातार बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति के कारण देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स के साणंद संयंत्र सहित आसपास स्थित कई ऑटो पार्ट्स सप्लायर इकाइयों में पानी भर गया, जिससे उत्पादन अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। उद्योग जगत को आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने की भी चिंता है।
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण चारधाम यात्रा पर भी असर पड़ा है। यात्रा मार्गों पर मलबा आने और रास्ते अवरुद्ध होने के चलते प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर चारधाम यात्रा को दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया है। वहीं चंपावत, बागेश्वर और टिहरी जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यालयों तथा आंगनवाड़ी केंद्रों को एहतियातन बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने तथा नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा का दौर जारी रह सकता है।



