नई दिल्ली : सरकारी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसे अनुचित साधनों को रोकने के उद्देश्य से लाए गए पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल को संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिल गई है। लोकसभा के बाद गुरुवार को राज्यसभा से भी विधेयक पारित हो गया, जिसके बाद अब राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही कानून का रूप ले लेगा। केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने विधेयक के पारित होने का स्वागत किया है। उन्होंने पोस्ट कर कहा कि यह कानून भारत की सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और निष्पक्षता को और मजबूत करेगा।
विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया कि यह विधेयक तय समय-सीमा में जांच, विशेष लोक अभियोजक, विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट और अपील की त्वरित व्यवस्था का प्रावधान करता है, जिससे सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लग सकेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मोदी सरकार देश के मेहनती युवाओं और प्रतिभाशाली लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस विधेयक के पारित होने पर प्रधानमंत्री की ओर से सभी सांसदों को धन्यवाद दिया है।
उन्होंने बताया कि इस कानून को जल्द से जल्द लागू किया जाएगा, ताकि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। नए कानून में पेपर लीक के दोषियों के लिए कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसमें अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक के आर्थिक दंड के साथ-साथ जेल की सजा और मामलों की त्वरित सुनवाई (फास्ट-ट्रैक कार्यवाही) का भी प्रावधान है, जो दोषियों को कड़ा संदेश देगा।



