नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया। इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत देशभर के 28 हजार से अधिक स्थानों से एक करोड़ से ज्यादा युवा जुड़े। प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले सभी प्रतिभागियों ने एक साथ नशामुक्त भारत बनाने की शपथ ली। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवाओं का तन और मन दोनों स्वस्थ होना आवश्यक है तथा उन्हें नशे जैसी घातक प्रवृत्तियों से दूर रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, यह अभियान केवल किसी एक व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का संकल्प है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का युवा आत्मविश्वास से भरपूर, स्वस्थ और नशे से मुक्त होगा। उन्होंने युवाओं से नशे के दुष्प्रभावों को समझने और समाज में इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।इस अभियान में पूज्य अम्मा, गुरुदेव श्री श्री रविशंकर, पूज्य दाजी, डॉ. चिन्मय पंड्या और स्वामी ब्रह्मविहारीजी सहित कई प्रमुख आध्यात्मिक गुरु शामिल हुए। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और जनप्रतिनिधियों ने भी भागीदारी की। इसके अलावा ब्रह्माकुमारीज, इस्कॉन, चिन्मय मिशन, ऑरोविले सहित 125 से अधिक आध्यात्मिक संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और औद्योगिक संघों ने अभियान का समर्थन किया।
सोशल मीडिया पर जानकारी की साझा – प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भी अभियान की जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह 100 सप्ताह तक चलने वाला राष्ट्रव्यापी जनभागीदारी अभियान होगा। इसके अंतर्गत प्रत्येक रविवार देशभर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें 10 हजार से अधिक स्थानों पर युवा सक्रिय रूप से भाग लेंगे। अभियान में माय भारत, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवक, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, युवा क्लब, गैर-सरकारी संगठन तथा आध्यात्मिक संस्थाएं भी सहयोग करेंगी।
युवा बनेंगे समारात्मक सामाजिक परिवर्तन के वाहक – सरकार के अनुसार अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ उन्हें अपने समुदायों में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का वाहक बनाना है। इसके तहत खेल प्रतियोगिताएं, वॉकाथॉन, ध्यान सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, कला प्रतियोगिताएं, परिचर्चाएं और जनजागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि व्यापक जनभागीदारी के माध्यम से नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में यह पहल एक प्रभावी राष्ट्रीय आंदोलन का रूप लेगी।



