नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में मंगलवार को भारी बारिश के बीच भूस्खलन की घटना सामने आई। भरमौर के कोडला-उरई सड़क मार्ग पर अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गिरा। इसके बाद सड़क पर मलबा और बड़े पत्थर फैल गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। पहाड़ का हिस्सा गिरते देख आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। हालांकि राहत की बात रही कि भूस्खलन की चपेट में कोई वाहन या व्यक्ति नहीं आया। हादसे में किसी के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है।
लगातार बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। राज्य में बारिश के चलते करीब 125 सड़कें प्रभावित हुई हैं। इसका सबसे ज्यादा असर मंडी जिले में बताया जा रहा है। कई स्थानों पर सड़कें बाधित होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में 29 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। 30 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। इसी अवधि में कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बना हुआ है।
उत्तराखंड में भी बारिश और बिजली का अलर्ट – उत्तराखंड में भी 30 अगस्त तक अधिकांश हिस्सों में बारिश होने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने इस दौरान कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना जताई है। प्रशासन और स्थानीय लोगों को मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसून सक्रिय – पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 28 अगस्त तक कई क्षेत्रों में व्यापक बारिश हो सकती है। झारखंड में भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है, जबकि बिहार में 25 और 26 अगस्त को बारिश का दौर सक्रिय रह सकता है। पूर्वी राजस्थान में 26 अगस्त तक कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। लगातार बारिश के मद्देनजर पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में प्रशासन को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर नजर रखने की जरूरत है।



