यह तथ्य विशेष रूप से महत्वपूर्ण है कि पंजाब में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटांसेज (एनडीपीएस) एक्ट के तहत दर्ज कुल 59,293 एफआईआर में से 25,000 से अधिक गिरफ्तारियां नागरिकों द्वारा दी गई गुप्त सूचनाओं के आधार पर की गई हैं। इसके अलावा नशे के कारोबार में शामिल बड़े तस्करों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। आंकड़ों के अनुसार, 2 किलोग्राम से अधिक हेरोइन सहित 696 ‘बड़ी मछलियों’ को गिरफ्तार किया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि यह कार्रवाई केवल छोटे स्तर पर नशा बेचने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने वाले नेटवर्कों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
बरामदगी के आंकड़े भी अभियान के व्यापक स्तर को दर्शाते हैं। प्रवर्तन एजेंसियों ने 3,757 किलोग्राम हेरोइन, 964 किलोग्राम अफीम, 45 टन चूरा-पोस्त, 1,288 किलोग्राम गांजा और 71 किलोग्राम मेथामफेटामाइन, जिसे आमतौर पर ‘आइस’ के नाम से जाना जाता है, बरामद किया है। इसके अलावा, एनडीपीएस एक्ट के तहत 62 लाख गोलियां और कैप्सूल भी बरामद किए गए हैं।इस प्रवर्तन अभियान के दौरान 22 करोड़ रुपये की ड्रग मनी अथवा वह राशि भी जब्त की गई है, जो नशीले पदार्थों की बिक्री से अर्जित की गई थी या नशीले पदार्थों की अवैध खरीद, बिक्री, वितरण अथवा तस्करी के लिए रखी गई थी। इसके अलावा, नशीले पदार्थों की वाणिज्यिक मात्रा से संबंधित 2,675 मामले दर्ज किए गए हैं।
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “गुप्त सूचनाओं ने एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और मजबूती प्रदान की है और हमें पूरा विश्वास है कि आने वाले दिनों में नागरिकों द्वारा गुप्त सूचनाएं देने तथा उनके परिणामस्वरूप होने वाली गिरफ्तारियों में और अधिक सफलता मिलेगी।”एडीजीपी ए.एन.टी.एफ. पंजाब नीलाभ किशोर ने कहा, “ये आंकड़े दर्शाते हैं कि नशा विरोधी अभियान में कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ नागरिकों से प्राप्त खुफिया जानकारी का उपयोग भी लगातार बढ़ रहा है। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त हुई 51,979 गुप्त सूचनाएं इस बात का संकेत हैं कि आम नागरिक सक्रिय रूप से पुलिस तक महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचा रहे हैं।”राज्य सरकार ने नशे की लत से जूझ रहे लोगों को पुलिस के हस्तक्षेप के माध्यम से उपचार प्रणाली से जोड़ने के प्रयास भी तेज किए हैं।



