HomeSportसूर्यकुमार ने दिये युवाओं को सुझाव

सूर्यकुमार ने दिये युवाओं को सुझाव

           भारतीय टी20 क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यादव ने उभरती हुई युवा प्रतिभाओं से कहा है कि वे अपने खेल पर ही ध्यान दे क्योंकि अगर उनका प्रदर्शन अच्छा रहेगा तो टीम में अवसर अपने आप मिल जाएंगे। सूर्यकुमार के अनुसार चयनकर्ताओं की नजरें बेहतर खिलाड़ियों की तलाश में लगी रहती हैं। सूर्या ने इस प्रकार इन खिलाड़ियों को सलाह दी है कि वे चयन को लेकर बिना कारण चिन्ता नहीं करें। सूर्यकुमार ने युवा प्रतिभाओं से किसी और से अपनी तुलना न करने की भी अपील की क्योंकि कोई किसी अन्य की तरह नहीं हो सकता। उन्होंने समझाया, मैं युवाओं से अपील करूंगा कि वे अपनी तुलना किसी और से न करें क्योंकि हर किसी की कहानी अलग होती है और हर किसी का एक अलग अंदाज होता है। यह टिप्पणी उन दबावों को दिखाती है जिनका सामना युवा खिलाड़ी आम तौर पर दूसरों की सफलता को देखकर करते हैं।

सूर्यकुमार ने इस दौरान अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद किया, जब उन्होंने घरेलू क्रिकेट में कड़ी मेहनत की, ट्रेन से कई यात्राएं कीं और बड़े मंच पर अपने अवसर का काफी समय तक इंतजार किया। उन्होंने भारतीय क्रिकेट प्रणाली में मौजूद भारी दबाव पर भी बात की, जहां अक्सर युवा खिलाड़ियों को लगता है कि उन्हें बहुत कम उम्र में ही उच्चतम स्तर पर पहुंचना है, अन्यथा उनका करियर समाप्त हो जाएगा।उन्होंने कहा, भारत में, ज्यादातर लोग सोचते हैं कि अगर आप 21 या 25 साल की उम्र तक कहीं नहीं पहुंचे, तो आपका करियर खत्म हो गया और आपको कोई दूसरा विकल्प चुनना पड़ सकता है। हालांकि, सूर्यकुमार ने कहा कि ये धारणा गलत है। उन्होंने कहा, , उम्र कभी भी किसी खिलाड़ी की किस्मत तय नहीं करती। मुझे लगता है कि उम्र कोई आधार नहीं है, सबसे महत्वपूर्ण बात आपकी तैयारी है। यह संदेश उम्र को सफलता की बाधा मानने वाले युवाओं के लिए एक बड़ी राहत है।

सूर्यकुमार ने युवाओं से अपने कौशल को लगातार बेहतर बनाने और अपनी प्रगति के प्रति प्रतिबद्ध रहने की सलाह दी, खासकर तब जब कोई उन्हें देख न रहा हो। उनका मानना है कि यही लगन और निरंतर प्रदर्शन चयनकर्ताओं का ध्यान खींचता है। आपका प्रदर्शन ही चयनकर्ताओं का ध्यान आपकी तरफ खींचता है, उन्होंने स्पष्ट किया। उन्होंने अपने करियर का ही उदाहरण दिय है। घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में लगातार शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद, उन्हें भारतीय टीम में अवसर 31 साल की अपेक्षाकृत अधिक उम्र में मिला था। इस देरी के बावजूद, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी योग्यता साबित की और टी20 फॉर्मेट में लंबे समय तक दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज बने रहे। उनके उल्लेखनीय करियर में लगातार दो टी20 विश्व कप जीतना भी शामिल है—2024 में एक खिलाड़ी के रूप में और 2026 में भारतीय टीम के कप्तान के रूप में, जो उनकी दृढ़ता और प्रतिभा का प्रमाण है।

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