नई दिल्ली। नई दिल्ली से मिली जानकारी के अनुसार, पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले राज्य कांग्रेस में जारी गहरे मतभेदों के बीच पार्टी आलाकमान ने एक बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। पार्टी ने अभी तक पंजाब के प्रभारी रहे छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अब असम का प्रभार सौंप दिया है। पंजाब में अब उनकी जगह राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट मोर्चा संभालेंगे। इस फैसले में केवल भूपेश बघेल और सचिन पायलट का ही स्थानांतरण नहीं हुआ है, बल्कि कई अन्य राज्यों के प्रभारियों को भी बदला गया है, जबकि जितेंद्र सिंह समेत कुछ अन्य नेताओं को उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है।
कांग्रेस पार्टी द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया कि कुल छह राज्यों में नए प्रभारियों की नियुक्ति की गई है। पार्टी महासचिव वेणुगोपाल ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और महासचिव भूपेश बघेल को अब असम का प्रभारी बनाया गया है। वह अब तक पंजाब के प्रभारी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे थे। पार्टी ने भूपेश बघेल की जगह कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट को पंजाब का प्रभार सौंपा है। सचिन पायलट के पास अभी तक छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी थी, जिसे अब सांसद सुखदेव भगत को दिया गया है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि भूपेश बघेल पंजाब में पार्टी नेताओं के बीच जारी अंतर्कलह को थामने और आपसी समन्वय स्थापित करने में नाकाम रहे थे। पंजाब कांग्रेस का एक बड़ा तबका उनके खिलाफ था, जिसके कारण पार्टी ने उन्हें पंजाब से हटाकर असम की जिम्मेदारी सौंपी है।
पंजाब में भूपेश बघेल के स्थानांतरण के पीछे का मुख्य पेंच राज्य कांग्रेस के भीतर चल रहा गंभीर विवाद था। विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के दो बड़े गुटों, मुख्य रूप से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वाडिंग के समर्थकों के बीच टकराव खुलेआम देखा गया था। इस मामले को शांत करवाने और एकजुटता लाने की जिम्मेदारी भूपेश बघेल को सौंपी गई थी, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह विवाद और भी ज्यादा बढ़ गया। हालात इतने बिगड़ गए थे कि जब अमरिंदर वाडिंग को पार्टी की तरफ से प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया, तो चन्नी खेमे ने इसका खुला विरोध किया। कई मौकों पर वाडिंग गो बैक और बघेल गो बैक के नारे तक लगाए गए, और दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की तक की खबरें सामने आईं, जिसने पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाया।
इसके अतिरिक्त, रणदीप सिंह सुरजेवाला को गुजरात का प्रभारी बनाया गया है। अभी तक गुजरात की जिम्मेदारी मुकुल वासनिक के पास थी। गुजरात में अगले साल चुनाव हैं और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी संसद में यह कह चुके हैं कि इस बार विपक्ष भाजपा को गुजरात में हराने जा रहा है। ऐसे में पार्टी ने रणदीप सुरजेवाला जैसे अनुभवी नेता को यह अहम जिम्मेदारी सौंपी है। सुरजेवाला गुजरात के साथ-साथ कर्नाटक के प्रभारी महासचिव की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभालेंगे। इसके अलावा, डॉ. श्रीवेल्ला प्रसाद को महाराष्ट्र और पीवी मोहन को आंध्र प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है, जो कांग्रेस की संगठनात्मक पुनर्रचना का हिस्सा है।



