नई दिल्ली । यूपीआई लेनदेन पर संभावित शुल्क को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने की जमीन तैयार कर रही है और यह कदम अमेरिकी कंपनियों तथा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश करने के लिए उठाया जा रहा है।कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि सरकार का दावा है कि ग्राहकों से सीधे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, लेकिन दुकानदारों पर लगने वाला शुल्क अंततः वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में शामिल होकर ग्राहकों की जेब से ही वसूला जाएगा। उन्होंने दावा किया कि दो हजार रुपये से अधिक के व्यापारिक यूपीआई लेनदेन की संख्या करीब पांच प्रतिशत है, लेकिन कुल लेनदेन मूल्य में इनकी हिस्सेदारी लगभग 65 प्रतिशत है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने भी सरकार से सवाल किया। उन्होंने कहा कि पहले किसी भी राशि के यूपीआई लेनदेन पर शुल्क नहीं लगता था, जबकि अब दो हजार रुपये तक के लेनदेन को शुल्क-मुक्त रखने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। खरगे ने दावा किया कि पांच हजार रुपये के लेनदेन पर 25 रुपये और 10 हजार रुपये के लेनदेन पर 50 रुपये तक की संभावित वसूली हो सकती है।कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि यह कदम अमेरिकी भुगतान कंपनियों के लिए भारत के डिजिटल भुगतान क्षेत्र का रास्ता खोलने और डोनाल्ड ट्रंप को खुश करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। वहीं सरकार ने अभी दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लागू होने की स्थिति स्पष्ट नहीं की है।



