HomeLifestyle घर में बेकार पड़ा सामान भी बढ़ाता है वास्तु दोष

 घर में बेकार पड़ा सामान भी बढ़ाता है वास्तु दोष

Lifestyle News : घर में सुख शांति के लिए वास्तु का ठीक होना जरुरी है पर कई बार हम अनायास ऐसे काम करते हैं जिससे वास्तु दोष पैदा हो जाता है। यहां तक कि घर में गैरजरुरी सामान भी वास्तदोष बढ़ता है।घर में पुराने कपड़े, टूटे बर्तन, खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान, खाली डिब्बे और ऐसी कई चीजें होती हैं जिन्हें लोग यह सोचकर संभालकर रखते रहते हैं कि कभी न कभी काम आ जाएंगी। लेकिन धीरे-धीरे यही सामान घर के अलग-अलग कोनों में जमा होकर अव्यवस्था का कारण बन सकता है। वास्तु शास्त्र की पारंपरिक मान्यताओं में भी घर में बेकार और लंबे समय से पड़े सामान को लेकर कुछ बातें कही गई हैं।

माना जाता है कि इससे घर का वातावरण प्रभावित हो सकता है। हालांकि इन मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। व्यावहारिक तौर पर भी अनावश्यक सामान घर की सफाई, जगह और मानसिक सुकून को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में समय-समय पर घर को व्यवस्थित करना अच्छी आदत हो सकती है। टूटे और खराब सामान को यूं ही जमा करके न रखें वास्तु की पारंपरिक मान्यताओं में टूटे-फूटे या खराब सामान को घर में लंबे समय तक रखने से बचने की सलाह दी जाती है। चाहे वह टूटा हुआ फर्नीचर हो, खराब घड़ी हो या इस्तेमाल के लायक न बचा कोई घरेलू सामान। व्यावहारिक रूप से भी ऐसे सामान का ढेर घर में जगह घेरता है और सफाई मुश्किल कर सकता है।

इसलिए जो चीजें वास्तव में मरम्मत के बाद इस्तेमाल हो सकती हैं, उन्हें समय पर ठीक करवाएं और जो बिल्कुल काम की नहीं हैं, उन्हें हटाने पर विचार करें।स्टोर रूम अक्सर ऐसी चीजों को रखने की जगह बन जाता है जिन्हें फेंकने का मन नहीं करता। पुराने डिब्बे, खराब उपकरण, टूटे सामान और सालों से इस्तेमाल न होने वाली चीजें यहां जमा होती रहती हैं। वास्तु में घर के हर हिस्से को साफ और व्यवस्थित रखने पर जोर दिया जाता है। ऐसे में स्टोर रूम की भी नियमित सफाई करें। सामान को श्रेणी के हिसाब से रखें और जो चीज लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुई है, उसकी उपयोगिता पर दोबारा विचार करें।

प्रवेश द्वार के आसपास सामान जमा न होने दें – घर का मुख्य प्रवेश स्थान साफ और व्यवस्थित रखना व्यावहारिक तौर पर भी जरूरी है। जूते-चप्पल, पुराने डिब्बे, टूटे गमले या दूसरे सामान को दरवाजे के आसपास जमा करने से जगह संकरी और अस्त-व्यस्त लग सकती है। वास्तु की मान्यताओं में भी मुख्य द्वार को साफ रखने की बात कही जाती है। इसलिए प्रवेश द्वार के पास सिर्फ जरूरत की चीजें रखें और नियमित रूप से वहां की सफाई करते रहें।

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