लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के किसानों और महिलाओं के लिए जल्द ही विशेष पैकेज की घोषणा करने का ऐलान किया है। यह घोषणा प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में डेढ़ गुना वृद्धि के बाद की गई है, जिसे सरकार ने दिवाली के उपहार के तौर पर पेश किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल में नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए शीघ्र ही एक बड़ा पैकेज लाया जाएगा। इस पैकेज से प्रदेश के लगभग तीन करोड़ किसान परिवार लाभान्वित होंगे, जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिल सकेगा। इसी कड़ी में, सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके सशक्तिकरण के लिए भी जल्द ही एक विशेष पैकेज लेकर आएगी।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के किसानों और श्रमिकों को सम्मानजनक एवं सस्ता भोजन उपलब्ध कराने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश की प्रमुख मंडियों और श्रमिक अड्डों पर अन्नपूर्णा भोजनालय शुरू किए जाएंगे। इस योजना के तहत, मंडी में अपनी उपज लेकर आने वाला किसान अब टोकन मनी देकर सम्मान के साथ दो रोटी और भरपेट भोजन कर सकेगा। इसी प्रकार, निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों के लिए बनाए जा रहे श्रमिक अड्डों पर भी अन्नपूर्णा भोजनालय के माध्यम से सस्ते भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री मंगलवार को दीपावली के अवसर पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को रसोई गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी वितरित करने के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने लगभग 1,500 करोड़ रुपये की धनराशि से प्रदेश के 1.89 करोड़ से अधिक पात्र परिवारों को दीपावली का उपहार प्रदान किया।
सीएम योगी ने कहा कि सरकार की मंशा है कि हर व्यक्ति को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के साथ जीवन जीने का अवसर मिले। हर नागरिक को यह महसूस होना चाहिए कि वह विकास और खुशहाली की व्यवस्था का एक अभिन्न हिस्सा है।मुख्यमंत्री ने प्रदेश की माताओं और बहनों को आश्वस्त किया कि सरकार उनकी सुरक्षा, नारी गरिमा की रक्षा और उनके सम्मान व आर्थिक स्वावलंबन के लिए पूरी तत्परता से काम कर रही है। उन्होंने लखपति दीदी और बीसी सखी जैसी योजनाओं की सफलता का उल्लेख किया और बताया कि आज महिलाएं उद्योगों में नाइट शिफ्ट में भी काम कर रही हैं, जो उनके बढ़ते सशक्तिकरण का प्रतीक है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को यूरिया और डीएपी खाद की पर्याप्त उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि प्रदेश में खाद का कृत्रिम संकट पैदा करने, जमाखोरी करने अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए।



