अंबाला। हरियाणा के अंबाला शहर के धूलकोट में एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत के अचानक भरभराकर गिरने से बड़ा हादसा हो गया है। इस दर्दनाक घटना में छह मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि ग्यारह अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इमारत के मलबे में कुल सत्रह मजदूर दब गए थे, जिन्हें निकालने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमों ने तुरंत बचाव अभियान चलाया। सूत्रों के अनुसार, यह इलाका नॉन-कंस्ट्रक्शन जोन में आता है, जहां निर्माण की अनुमति नहीं है। अंबाला के एक बड़े और नामी बिल्डर का नाम इस अवैध निर्माण से जुड़ रहा है, जिस पर पुलिस की जांच केंद्रित है।
अंबाला की मुख्य चिकित्सा अधिकारी रेणु पांजनी ने बताया कि सुबह हुई इस घटना के तुरंत बाद घायलों को अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल लाया गया। अस्पताल में लाए गए चार मजदूरों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था, जबकि उपचार के दौरान दो अन्य घायलों ने भी दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की कुल संख्या छह हो गई। सात मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि पांच घायलों का अभी भी अस्पताल में इलाज चल रहा है। अस्पताल प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अपनी पूरी टीम को अलर्ट पर रखा है। घटना की सूचना मिलते ही अंबाला के पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मीडिया को बताया कि बचाव कार्य तेजी से जारी है और मलबे में फंसे किसी भी मजदूर को बचाने के लिए जिला प्रशासन पूरी मदद में जुटा हुआ है।
एसपी ने स्पष्ट किया कि यह एक निर्माणाधीन इमारत थी और इस हादसे में हुई मौतों तथा घायलों को देखते हुए कानूनी कार्रवाई निश्चित रूप से की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्माण अवैध था या लापरवाही बरती गई, हर पहलू से जांच की जाएगी और बिल्डर व अन्य संबंधित व्यक्तियों पर शिकंजा कसा जाएगा। यहां काम करने वाले ज्यादातर मजदूर जंडली और आसपास के रहने वाले हैं।हादसे में जान गंवाने वालों में मिस्त्री राजेंद्र (50) निवासी जलबेड़ा, शास्त्री (50) निवासी गरनाला, कालिया (50) निवासी बाराबंकी उत्तर प्रदेश और रूप सिंह (55) निवासी गांव डंगडेरा लालड़ू, पंजाब शामिल हैं।
देर रात बचाव अभियान के दौरान मलकीत सिंह (55) का शव भी निकाला गया, जो पंजाब के लालड़ू के गांव डंगडेरा के रहने वाले पूर्व सैनिक थे और साइट सुपरवाइजर के तौर पर काम कर रहे थे। घायलों में सिया राम (गोंडा उत्तर प्रदेश), सतीश (पूर्णिया बिहार), बलिंदर (धुरकड़ा मूल निवासी जींद), फुल्लो कुमार (लखीसराय बिहार), अशोक (सेठी एनक्लेव अंबाला शहर), वेद प्रकाश (गरनाला), दो भाई बृजेश व राजेश (लखनऊ उत्तर प्रदेश), मंतोष (गोवाला शेखपुरा पटना बिहार), रामगोपाल (निरंजनपुर अयोध्या उत्तर प्रदेश), राजेश (मोहम्मदपुर लखनऊ) और रुपेश कुमार (पूर्णिया बिहार) जैसे मजदूर शामिल हैं।



