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पंजाब पुलिस द्वारा एलपीयू में हुई हिंसक घटना की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच जारी, एसआईटी गठित, जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी: डीजीपी

चंडीगढ़-पंजाब पुलिस द्वारा रविवार और सोमवार की मध्यरात्रि को लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू), फगवाड़ा के बाहर अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा की गई हिंसक घटनाओं की व्यापक वैज्ञानिक और तकनीकी जांच की जा रही है। साथ ही, छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच बातचीत के माध्यम से मामलों के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए लगातार प्रयास भी जारी हैं। यह जानकारी आज यहां पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने दी।छात्रों का विश्वास मजबूत करने के लिए पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और जिला पुलिस अधिकारी राज्यभर के विश्वविद्यालयों तथा शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा मजबूत करने और उनकी चिंताओं का समाधान करने के लिए उनसे लगातार बातचीत कर रहे हैं। फाजिल्का और संगरूर से लेकर फिरोजपुर, रूपनगर, मोहाली और लुधियाना ग्रामीण तक, पुलिस रेंजों के डीआईजी और एसएसपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने शैक्षणिक संस्थानों का दौरा कर छात्रों से बातचीत की।

अधिकारियों ने छात्रों को हर आवश्यक सहायता का भरोसा दिलाया और राज्यभर के छात्रों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के प्रति पंजाब पुलिस की प्रतिबद्धता दोहराई।लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी पहुंचे डीजीपी गौरव यादव ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पुलिस द्वारा शांति बनाए रखने और छात्रों तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच बातचीत के माध्यम से मामलों का उचित समाधान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस बल को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अधिकतम संयम बरतें और छात्रों के खिलाफ बल का प्रयोग न करें। डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “छात्र हमारे बच्चे हैं और हमारी प्राथमिकता उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हमने छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच बातचीत के माध्यम से मामलों को हल करने के लिए हर संभव प्रयास किया है।”डीजीपी ने बताया कि पुलिस ने छात्रों के प्रतिनिधियों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच कई बैठकें करवाईं, ताकि बातचीत के माध्यम से सभी मामलों का समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि पुलिस शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने और सभी छात्रों, निवासियों तथा अन्य संबंधित पक्षों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

रविवार रात हुई हिंसक घटनाओं के बारे में बात करते हुए डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पुलिस द्वारा जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान करने के लिए उपलब्ध सभी वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, “व्यापक जांच के लिए पहले ही विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जा चुका है। जांच के बाद जो भी व्यक्ति जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।”डीजीपी ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर अप्रमाणित ऑडियो/वीडियो क्लिप या अन्य भ्रामक सामग्री प्रसारित करने से बचें। उन्होंने लोगों से केवल आधिकारिक और प्रमाणित स्रोतों के माध्यम से जारी जानकारी पर ही भरोसा करने को कहा और चेतावनी दी कि जानबूझकर निराधार या भ्रामक सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने आगे कहा कि विश्वविद्यालय और उसके आसपास की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस द्वारा पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।

गौरव यादव ने बताया कि रविवार और सोमवार की मध्यरात्रि घटना की सूचना मिलते ही जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला और कपूरथला के एसएसपी गौरव तूरा आवश्यक पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए तत्काल कार्रवाई की। डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “पुलिस द्वारा स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा तथा सार्वजनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।”मीडिया से बातचीत के दौरान छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच हुई बैठक के बारे में जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला ने कहा, “यह बैठक अत्यंत सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई। इसमें सिविल प्रशासन, पुलिस और विश्वविद्यालय प्राधिकरण के साथ-साथ छात्र कमेटी के सात प्रतिनिधि भी शामिल हुए।”उन्होंने कहा कि छात्रों ने प्रशासनिक मामलों, छात्रावास की सुविधाओं और बेहतर समन्वय से संबंधित मुद्दे उठाए तथा यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि जानकारी छात्रों तक समय पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि इस दौरान निर्णय लिया गया कि नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी और छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दों के समाधान के लिए काम किया जाएगा।

उन्होंने कहा, “विश्वविद्यालय ने भरोसा दिलाया है कि प्रशासनिक मुद्दों से संबंधित मांगों को जल्द ही लागू किया जाएगा। बैठक अत्यंत सकारात्मक वातावरण में हुई और छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दों का समाधान किया जा रहा है।”घटना की जांच के बारे में बात करते हुए डीआईजी (जालंधर रेंज) ने कहा कि एफआईआर पहले ही दर्ज की जा चुकी है और इस संबंध में जांच जारी है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा गठित पांच सदस्यीय छात्र समिति एसआईटी के साथ समन्वय बनाए रखेगी और छात्रों को समय-समय पर जांच की प्रगति के बारे में अवगत कराया जाएगा।इस स्थिति के दौरान पुलिस की कार्रवाई के बारे में बात करते हुए डीआईजी जालंधर रेंज ने कहा कि पुलिस बल ने काफी संयम से काम लिया और छात्रों पर कोई लाठीचार्ज नहीं किया गया। उन्होंने कहा, “छात्र हमारे बच्चों के समान हैं। हमने पूरे दिन कई बार बातचीत की और छात्रों को यह भी सलाह दी कि वे कानून-व्यवस्था को अपने हाथों में न लें। पुलिसकर्मियों ने संयम से काम लिया और छात्रों के साथ संवेदनशीलता तथा सावधानी से पेश आए।”

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