असंध : बल्ला गांव के एक युवक कि अमेरिका में हार्ट अटैक से मौत हो गई । युवक 3 साल पहले अच्छे भविष्य के लिए अमेरिका गया था , और ग्रीन कार्ड होल्डर बनकर काम कर रहा था । जानकारी के अनुसार बाला निवासी 21 वर्षीय अनिल मान अमेरिका में वर्ष 2023 में गया था । शुरुआत में उसे वहां काफी संघर्ष करना पड़ा , लेकिन कुछ समय बाद उसे नॉर्थ कैलोरीना में एक स्टोर पर नौकरी मिल गई नौकरी मिलने से हालात सुधरने लगे । हाल ही में वह ग्रीन कार्ड होल्डर बन चुका था और अपने परिवार के लिए मेहनत कर रहा था।
मिली जानकारी के अनुसार 3 नवंबर को ड्यूटी के दौरान उसे अचानक सिर दर्द हुआ । सिर दर्द होने की सूचना उसने अपने दोस्त जतिन को दी । अनिल मान ने अपने दोस्त जतिन को यह कहकर स्टोर पर बुला लिया की उसके सिर में दर्द है, वह उसकी जगह ड्यूटी करें जिस से मैं अपने कमरे पर जाकर आराम कर सकूं । जतिन ने स्टोर पर अनिल की ड्यूटी संभाली और अनिल को कमरे पर आराम करने के लिए भेज दिया । जब जतिन रात को ड्यूटी पूरी कर अनिल के पास कमरे पर पहुंचा तो अनिल मृत पड़ा मिला ।
अमेरिका से दोस्तों ने दी परिवार को सूचना – अनिल मान की मौत की जानकारी से उसके दोस्त जतिन ने फोन पर परिवार को दी । यह खबर सुनते ही बल्ला गांव में सन्नाटा छा गया । घर में कोहराम मच गया और गांव के लोग सांत्वना देने के लिए जुटने लगे । अनिल के परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है ।
दो परिवारों का इकलौता बेटा था अनिल, दोनों परिवारों का सहारा छिन गया -मृतक के परिवार में उसके मां बाप ,ताऊ और एक ताऊ की शादीशुदा लड़की है । अनिल ने अमेरिका जाने के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन बेची दी थी । वह घर की आर्थिक स्थिति सुधारने की इरादे से अमेरिका गया था । कुछ समय से सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था, लेकिन अचानक आए हार्ट अटैक ने उसकी जिंदगी खत्म कर दी । परिवार को अनिल से काफी उम्मीदें थी लेकिन उनको नहीं पता था कि उनका बेटा इतनी जल्दी भगवान को प्यार हो जाएगा ।
शव को भारत लाने की चल रही तैयारी -परिवार अब अनिल मान के शव को भारत लाने के लिए प्रयास कर रहा है । विदेश में स्थित उसके साथी इस काम में मदद कर रहे हैं । गांव में हर कोई यही कह रहा है कि अनिल मान मेहंदी और मिलनसार स्वभाव का युवक था, जिसकी कमी हमेशा खलेगी।
परिजनों ने सरकार से लगाई मदद की गुहार : अब परिवार के पास इतने पैसे नहीं है कि वह अनिल मान के शव को भारत ला सके । इसलिए वह सरकार से मदद की अपील कर रहे हैं । मृतक युवक की मां ने रोते हुए बताया कि उन्होंने अपने बेटे को बड़े अरमानों के साथ अमेरिका में भेजा था, पैसे ना होने के चलते उन्होंने 45 लाख रुपए मैं जमीन बेचकर अनिल को डोंकी के रास्ते अमेरिका भेजा था । अब मां अपने बेटे को अंतिम बार देखने के लिए सरकार से गुहार लगा रही है कि वह उसके बेटे के शव को भारत लाने में उनकी मदद करें, ताकि वह उसकी अंतिम बार देख सके और अंतिम विदाई दे सके ।



