नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट में तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश को मंजूरी देते हुए गुजरात हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुनीता अग्रवाल, दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और तेलंगाना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया है। तीनों न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश कॉलेजियम ने 28 सितंबर को की थी।
इन नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या 34 से बढ़कर 37 हो जाएगी, जबकि अदालत में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 38 है। यानी अब शीर्ष अदालत में सिर्फ एक न्यायाधीश का पद खाली रहेगा। तीनों नए न्यायाधीश 6 अक्टूबर को शपथ लेंगे।जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय का मूल हाई कोर्ट इलाहाबाद हाई कोर्ट रहा है।जस्टिस अग्रवाल जुलाई 2023 से गुजरात हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश थीं।
उनके सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद शीर्ष अदालत में महिला न्यायाधीशों की संख्या तीन हो जाएगी।अभी जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस वी. मोहना सुप्रीम कोर्ट में कार्यरत महिला न्यायाधीश हैं।वहीं जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय जनवरी 2025 से दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं। जस्टिस अपरेश कुमार सिंह तेलंगाना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे हैं और उनका मूल हाई कोर्ट झारखंड हाई कोर्ट है। इन नियुक्तियों से सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की कमी काफी हद तक दूर होगी।



