पीएम मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के बीच द्विपक्षीय वार्ता
नई दिल्ली । नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान दोनों देशों ने रक्षा, अंतरिक्ष (स्पेस) और परमाणु ऊर्जा (न्यूक्लियर एनर्जी) जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में अपने संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ करने पर सहमति जाहिर की। बैठक के साझा प्रेस वार्ता को संबोधित कर पीएम मोदी ने पोलैंड के प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और दोनों देशों के बीच मजबूत होती रणनीतिक साझेदारी पर संतोष जाहिर किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और पोलैंड के बीच की ऐतिहासिक और मानवीय साझेदारी का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के उस दौर को याद किया जब जामनगर और कोल्हापुर के राजघरानों ने पोलैंड के हजारों बेघर बच्चों और परिवारों को भारत में आश्रय दिया था। पोलैंड के लोग आज भी जामनगर के तत्कालीन महाराजा को डोबरी महाराजा (अच्छे महाराज) के रूप में याद करते हैं। इसके जवाब में, साल 2022 में यूक्रेन-रूस युद्ध के दौरान पोलैंड ने मानवता की मिसाल पेश कर भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालने में अहम मदद की थी।वैश्विक आर्थिक स्थिति पर बात कर पीएम मोदी ने कहा कि आज जब पूरी दुनिया अनिश्चितता से जूझ रही है, तब भारत और पोलैंड विकास, तकनीक और नवाचार के बड़े केंद्र बनकर उभर रहे हैं।
पोलैंड की अर्थव्यवस्था जहाँ 1 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर चुकी है, वहीं भारत ने भी 7.8 प्रतिशत की मजबूत विकास दर हासिल की है। पीएम मोदी ने बताया कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से दोनों देशों के व्यापार को नई गति मिलेगी। इससे मशीनरी, केमिकल और प्लास्टिक के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही रेलवे, मोबिलिटी और फूड प्रोसेसिंग क्षेत्रों में पोलैंड के निवेश के नए रास्ते खुलने वाले है। पीएम मोदी ने रक्षा व तकनीकी क्षेत्रों में पोलैंड की कंपनियों को भारत में सह-विकास (को-डेवलपमेंट) और सह-उत्पादन (को-प्रोडक्शन) के लिए आमंत्रित किया, ताकि वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापारिक लक्ष्यों को हासिल किया जा सके और एक भरोसेमंद आपूर्ति श्रृंखला तैयार की जा सके।



