चंडीगढ़-पंजाब विधानसभा ने आज अपने 13वें सत्र के अंतिम दिन सर्वसम्मति से आठ प्रस्ताव पारित किए।पारित किए गए प्रस्तावों में सदन में विभिन्न राजनीतिक दलों की सदस्य संख्या के अनुपात को ध्यान में रखते हुए पंजाब विधानसभा के स्पीकर को पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ की सीनेट के लिए दो सदस्यों को नामित करने का अधिकार देना; यमुना नदी के पानी में पंजाब का जायज और समान हिस्सा सुनिश्चित करना; रूपनगर (रोपड़), हरिके और फिरोजपुर स्थित सिंचाई हेडवर्क्स का प्रबंधन, रखरखाव और संचालन पंजाब के अधीन रखना; बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 को निरस्त करना; राजस्थान को दिए जा रहे सतलुज, रावी और ब्यास नदियों के पानी की कीमत/रॉयल्टी निर्धारित करना; केंद्र सरकार से उझ बहुउद्देशीय परियोजना को लागू करने तथा माधोपुर हेडवर्क्स से आगे पाकिस्तान की ओर बहकर जा रहे रावी नदी के पानी को रोकने के लिए उसे रणजीत सागर बांध की ओर मोड़ने का अनुरोध करना;
पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं को जारी रखना और केंद्र सरकार से श्री करतारपुर साहिब गलियारे को दोबारा खोलने की अपील करना शामिल है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की सराहना करने संबंधी प्रस्ताव पेश किया। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने श्री करतारपुर साहिब गलियारे को दोबारा खोलने से संबंधित प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जबकि नदियों के पानी से संबंधित प्रस्ताव जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल द्वारा पेश किए गए।



