नई दिल्ली। चक्रवाती तूफान अर्नब ने देश के ज्यादातर राज्यों का मौसम बदल दिया है। यूपी-बिहार समेत उत्तर प्रदेश के ज्यादातर राज्यों में पारा तेजी से गिरा है जिसकी वजह से सर्दी बढ़ गई है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और पहाड़ी राज्यों में बारिश की चेतावनी दी है। कहा है कि अगले 24 से 48 घंटे तक तेज हवाओं और बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। वहीं 1 नवंबर से मौसम फिर से साफ हो जाएगा। एक दिन पहले यह आंध्र प्रदेश और यानम तट से टकराया था। इसके प्रभाव से पश्चिम बंगाल, झारखंड और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश हुई, जबकि ओडिशा में बाढ़ आ गई।
बता दें कि यूपी, झारखंड, पंजाब, हरियाणा और राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में गुरुवार को बारिश हुई है। वहीं राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को भी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं। कई जगहों पर बिजली गिरने का भी अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश के चलते पारा 15 से 16 डिग्री तक आ गया। दिल्ली में कनॉट प्लेस, लोधी गार्डन, हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर बारिश हुई। इसके साथ ही नोएडा और गाजियाबाद में भी सड़कें भीगी हुईं नजर आईं। मौसम विभाग ने कहा है कि शुक्रवार को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश के चलते लोगों को प्रदूषण से भी राहत मिली है।
यूपी,बिहार और झारखंड में होगी बारिश, ठंड भी बढ़ेगी – मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वाराणसी, गोरखपुर, बस्ती और सिद्धार्थनगर में शुक्रवार से ही रुक-रुककर बूंदा-बांदी और बारिश का सिलसिला जारी है। वहीं पश्चिमी यूपी में आगरा, अलीगढ़, नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ और हाथरस में भी मौसम बदल गया है। आज यहां भी बारिश हो सकती है। बिहार और झारखंड में भी चक्रवाती तूफान अर्नब अपना पूरा असर दिखा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक बिहार और झारखंड के ज्यादातर जिलों में छिटपुट बारिश होगी। वहीं आसमान में बादल बने रहेंगे। बिहार के पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, रोहतास, भोजपुर, पटना, दरभंगा, सिवान और अररिया में मध्यम बारिश हो सकती है।
छत्तीसगढ़ और ओडिशा और पश्चिम बंगाल का हाल – मौसम विभाग के मुताबिक ओडिशा के तटीय इलाकों में तूफान अब भी पूरा असर दिखाएगा। हालांकि चक्रवात अर्नब अब कमजोर होकर ओडिशा के ऊपर कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित हो रहा है। वहीं ओडिशा के ऊपर बना पश्चिमी विक्षोभ उत्तर की ओर बढ़ गया है। 31 अक्टूबर को बंगाल की खाड़ी में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। बंगाल की खाड़ी में एक और सिस्टम बन रहा है जिसकी वजह से नवंबर में भी आंध्र प्रदे, तमिलनाडु और कर्नाटक में बारिश हो सकीत है। नॉर्थ वेस्ट मॉनसून की वजह से पहले से भी इन इलाकों में बारिश का अनुमान है।
हिमाचल प्रदेश में बारिश का अलर्ट – हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई, जबकि शिमला, जुब्बड़हट्टी, सुंदरनगर, कांगड़ा, मुरारी देवी और पालमपुर में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं। स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर सहित चार जिलों के कुछ हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका के मद्देनजर येलो अलर्ट जारी किया है। जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में रात का तापमान सबसे कम, शून्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।



