एक वीडियो संदेश में शिक्षा मंत्री ने बताया कि हाल ही में उन्होंने नंगल के बुज़ुर्गों और दुकानदारों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि यह जानकर उन्हें गहरा दुःख पहुंचा कि लोग कई दशकों से भय और असुरक्षा में जी रहे हैं। हर समय यह डर बना रहता है कि उनकी छत और आजीविका किसी भी समय छिन सकती है, जो कि बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि हाल ही में एक दुकान से जुड़ा हाई कोर्ट का आदेश इस मामले के तत्काल समाधान की ज़रूरत को और स्पष्ट करता है।नंगलवासियों को भरोसा दिलाते हुए उन्होंने कहा, “आपने मुझ पर जो विश्वास जताया है, वह मेरे लिए आदेश है। नंगल का बेटा होने के नाते, यहां की हर छत और हर दुकान की सुरक्षा मेरी ज़िम्मेदारी है।”
इस विवाद के त्वरित समाधान को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए स बैंस ने बताया कि एडवोकेट जनरल सहित पंजाब के वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय समिति ज़मीन से जुड़े सभी रिकॉर्ड की जांच कर आगे की कार्यवाही को गति देगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगले सप्ताह वे नंगलवासियों के एक प्रतिनिधि मंडल के साथ मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान से भी मुलाकात करेंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि संबंधित ज़मीन पंजाब सरकार की है और बीबीएमबी द्वारा लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। मंत्री बैंस ने कहा कि सरकार का उद्देश्य कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से नंगलवासियों के अधिकार बहाल करना और इस समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि भविष्य में उन्हें किसी भी तरह की परेशानी न झेलनी पड़े। यह उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।



