नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ से जुड़े मामलों की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हाथों में सौंप दी है। यह मामला दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल से एनआईए को स्थानातंरित किया है। सूत्रों के मुताबिक, एनआईए भारत में बांग्लादेशी नागरिकों की अवैध घुसपैठ कराने वाले पूरे नेटवर्क, उसके ऑपरेटर्स और मनी ट्रेल की गहराई से जांच करेगी। एजेंसी इस मामले में जल्द एक नई एफआईआर भी दर्ज कर सकती है। दरअसल यह कार्रवाई केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर की गई है, इसके बाद देशभर में अवैध घुसपैठ के खिलाफ सख्ती बढ़ई गई है। जांच एजेंसियों का फोकस उन संगठित सिंडिकेट्स पर है, जो बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारत में अवैध रूप से प्रवेश दिलाने, ठहराने और उन्हें फर्जी दस्तावेज उपलब्ध करने की साजिश में लगे हुए है।
सूत्रों ने बताया कि जांच के दायरे में फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी और अन्य पहचान पत्र बनवाने वाला पूरा नेटवर्क है।इन दस्तावेजों के द्वारा घुसपैठियों को भारतीय नागरिक सुविधाएं और वोटिंग का अधिकार दिलाने की कोशिश की जाती है, बहुत हद तक सिंडिकेट को इसमें सफलता भी मिल जाती है। इसके लिए संगठित गिरोहों द्वारा मोटी रकम वसूली जाती है, जिसकी मनी ट्रेल की जांच एनआईए करेगी। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने मामले में पहले एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें आपराधिक साजिश, जालसाजी और विदेशी अधिनियम से जुड़ी धाराएं लगाई गई थीं।
खुफिया इनपुट के आधार पर कई राज्यों में गिरफ्तारियां भी की गई हैं, जिससे यह साफ हुआ कि यह नेटवर्क सिर्फ एक राज्य तक सीमित नहीं है। सूत्रों के अनुसार, अधिकांश अवैध घुसपैठ सीमावर्ती इलाकों से होने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी एनआईए अब इनपुट्स के आधार पर देशभर में फैले नेटवर्क को खंगालकर घुसपैठ से जुड़े हर लिंक को उजागर करने की दिशा में कार्रवाई तेज करेगी। बता दें कि केंद्र के निर्देश पर कुछ महीने पहले दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, यूपी सहित अन्य राज्यों में अवैध घुसपैठियों की पहचान के लिए स्थानीय पुलिस और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट ने बड़ा अभियान चलाया था।



