चंडीगढ़/एस.ए.एस. नगर : राज्य को प्रौद्योगिकी के नए युग का अग्रदूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने आज दो महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत की। इनमें पहला प्रमुख प्रयास ‘पंजाब निवेशक सर्कल’ है, जो उच्च संभावनाओं वाले स्टार्टअप्स को उद्यम पूंजी निवेशकों, उद्योग जगत के अग्रणी नेताओं और इकोसिस्टम सहयोगियों से जोड़ने के लिए एक समर्पित मंच प्रदान करता है। दूसरी महत्वपूर्ण पहल ‘स्टार्टअप पंजाब हब-न्यूरॉन 2.0’ है, जो डीप-टेक इनक्यूबेशन और उन्नत कौशल को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इन दोनों पहलों का उद्देश्य नवाचार-संचालित उद्यमों के लिए पंजाब को भारत का सबसे पसंदीदा गंतव्य बनाना है।
स्टार्टअप पंजाब द्वारा मोहाली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी में आयोजित उद्घाटन समारोह में सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, विनिर्माण तथा डीप-टेक सहित विभिन्न क्षेत्रों के 14 नवाचारी स्टार्टअप्स ने पिचिंग सत्र प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम ने उद्यमियों, निवेशकों और सलाहकारों को एक मंच पर एकत्र होकर अपने स्टार्टअप्स की विकास योजनाएं प्रस्तुत करने तथा फंडिंग, रणनीतिक मार्गदर्शन और दीर्घकालिक साझेदारी के अवसरों पर विचार-विमर्श करने का अवसर प्रदान किया। जन सभा को संबोधित करते हुए उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार व्यवहारिक, नवाचारी और सुदृढ़ अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, “स्टार्टअप पंजाब ने नीतिगत प्रोत्साहन, सीड फंडिंग और इनक्यूबेशन सहायता प्रदान की है। पंजाब निवेशक सर्कल के माध्यम से अब हम नवाचार और निवेश के बीच मौजूद महत्वपूर्ण अंतर को समाप्त करने के लिए एक दीर्घकालिक संस्थागत मंच तैयार कर रहे हैं। सरकार एक सक्षम इकोसिस्टम तैयार कर सकती है, लेकिन सतत विकास के लिए निवेशकों के साथ मजबूत साझेदारी आवश्यक है।” अमन अरोड़ा ने राज्य में बढ़ रहे स्टार्टअप्स की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में पंजाब में 2500 से अधिक डीपीआईआईटी-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप पंजाब ने 6.8 करोड़ रुपये से अधिक की सीड फंडिंग के माध्यम से 222 से अधिक स्टार्टअप्स की सहायता की है।
राज्य के समावेशी विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में से लगभग आधे में कम-से-कम एक महिला निदेशक है, जो पंजाब के आर्थिक क्षेत्र में महिला उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी का प्रमाण है।
उद्योग मंत्री ने स्टार्टअप पंजाब हब-न्यूरॉन 2.0 का भी उद्घाटन किया, जो पहले के कार्यक्रम का उन्नत संस्करण है। उन्होंने बताया कि न्यूरॉन पहल ने 114 तकनीकी स्टार्टअप्स को विकसित किया, 67 बौद्धिक संपदा (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी) फाइलिंग में सहायता प्रदान की, लगभग 2700 रोजगार सृजित किए तथा स्टार्टअप्स को लगभग 890 करोड़ रुपये के कुल मूल्यांकन तक पहुंचाने में सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि न्यूरॉन 2.0 का उद्देश्य एक समर्पित साइबर सुरक्षा प्रयोगशाला और अत्याधुनिक कौशल अवसंरचना स्थापित करके इस इकोसिस्टम को और अधिक मजबूत बनाना है।
इस कार्यक्रम में स्टार्टअप्स, निवेशकों और सलाहकारों के बीच नेटवर्किंग सत्र भी आयोजित किए गए, जिससे भविष्य के निवेश और रणनीतिक सहयोग का मार्ग प्रशस्त हुआ। इन दोनों पहलों के शुभारंभ के साथ पंजाब सरकार ने स्टार्टअप्स और नवाचार-संचालित उद्यमों के लिए राज्य को भारत के सबसे पसंदीदा गंतव्यों में शामिल करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक सचिव गुरकिरत किरपाल सिंह, पंजाब विकास आयोग की वाईस चेयरमैन सीमा बंसल, इन्वेस्ट पंजाब के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित ढाका, निदेशक जसप्रीत सिंह तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।



