अहमदाबाद । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के साबरमती रेलवे स्टेशन से एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) से चलने वाली देश की पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने इस पहल को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भारतीय रेलवे का महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम बताया।इस ऐतिहासिक क्षण पर शाह ने साबरमती की भूमि को महात्मा गांधी के आत्मशक्ति और सत्य के प्रयोगों की भूमि बताया। उन्होंने कहा कि आज इसी साबरमती डिवीजन में पर्यावरण संरक्षण, यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़ी कई नई रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास हो रहा है। 1,472 करोड़ रुपए की लागत वाली इन परियोजनाओं से आने वाले दिनों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी।
केंद्रीय गृह मंत्री ने साबरमती रेलवे स्टेशन में आए अभूतपूर्व बदलाव का भी जिक्र किया, जो अब मेट्रो रेल, राज्य परिवहन बस स्टैंड और आगामी हाई-स्पीड रेल सेवा से सीधे जुड़ गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे ने विकास की नई गति पकड़ी है, जिसमें प्रीमियम स्टेशन, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और रैपिड रेल सिस्टम जैसी प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री शाह ने घोषणा की कि भारत अब हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनों की शुरुआत के साथ दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है।अमित शाह ने बताया कि वर्तमान में भारत में निर्मित लोकोमोटिव में करीब 94 प्रतिशत मेक इन इंडिया का योगदान है और जल्द ही 100 प्रतिशत स्वदेशी उत्पादन का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। उन्होंने भारतीय रेलवे की माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला, जिसमें 1,200 हॉर्सपावर का ट्विन-सेक्शन इंजन शामिल है, जो करीब 600 ट्रकों के बराबर माल ढो सकता है।
इसके अलावा, देश में डबल डेकर मालगाड़ी का सफल परीक्षण जारी है और दिल्ली से हावड़ा तथा दिल्ली से गुवाहाटी तक करीब 11,000 किलोमीटर लंबे रेल कॉरिडोर को चार-लेन नेटवर्क में बदलने पर भी काम चल रहा है।रेलवे के विद्युतीकरण पर केंद्रीय मंत्री शाह ने बताया कि भारतीय रेलवे का 99.6 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो चुका है और शेष कार्य भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने 2015-16 में 293 करोड़ लीटर से अधिक की डीजल खपत के मुकाबले 2024-25 में घटाकर करीब 108 करोड़ लीटर करने की उपलब्धि को रेखांकित किया। सरकार का लक्ष्य 2030 तक डीजल की खपत को पूरी तरह शून्य करना है, जिससे न केवल पर्यावरण को लाभ होगा बल्कि विदेशी मुद्रा की भी बड़ी बचत होगी। उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और साबरमती डिवीजन की पूरी टीम को इस प्रगति के लिए बधाई दी।



