विक्रमजीत और गुलजार सिंह के परिजनों को न्याय का दिलाया भरोसा
गुरदासपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पंजाब दौरे के दौरान नशाखोरी के खिलाफ आवाज उठाने के बाद जान गंवाने वाले विक्रमजीत और गुलजार सिंह के परिवारों से मुलाकात की। शाह करीब 20 दिन के भीतर दूसरी बार पंजाब पहुंचे हैं। अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से हेलीकॉप्टर के जरिए वे सीधे गुरदासपुर पहुंचे, जहां उन्होंने दोनों पीड़ित परिवारों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं और न्याय दिलाने का भरोसा दिया।केंद्रीय मंत्री शाह सबसे पहले विक्रमजीत के घर पहुंचे। विक्रमजीत की 15 अक्टूबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बताया गया कि उन्होंने इलाके में नशा बेचने वालों का विरोध किया था, जिसके बाद उनकी हत्या कर दी गई। इसके बाद गृहमंत्री संगरूर जिले के तूर वंजारा गांव पहुंचे और गुलजार सिंह के परिजनों से मुलाकात की।
गुलजार सिंह ने पंजाब के वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा की सभा में नशे के मुद्दे पर सवाल उठाया था। इसके बाद उन्हें कथित तौर पर परेशान किया गया। बाद में उन्होंने जहर खा लिया, जिससे उनकी मौत हो गई। शाह ने करीब 10 से 12 मिनट तक उनके परिवार के साथ बातचीत की और घटनाक्रम की जानकारी ली।गुलजार सिंह के बेटे ने गृहमंत्री से अपने पिता की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन उनके अनुसार मुख्य आरोपी बताए जा रहे हरपाल सिंह का नाम एफआईआर में शामिल नहीं है। परिवार ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग भी उठाई। परिजनों की मांग पर शाह ने भरोसा दिलाया कि जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें सजा दिलाई जाएगी।
शाह के दौरे से राजनीतिक गलियारे में हलचल – गृहमंत्री शाह के दौरे के बीच पंजाब में राजनीतिक गलियारे में चर्चाओं के साथ ही गतिविधियां भी तेज हो गईं हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने परविंदर झोट की हत्या के मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की बात कही है। वहीं, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने शाह से साबरमती जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई को लेकर सवाल उठाया।



