चंडीगढ़ : तीसरी एशियाई रिले चैम्पियनशिप-2027 का ध्वज पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को यूटी सचिवालय में भेंट किया गया। यह ध्वज चीन के शाओशिंग में आयोजित दूसरी एशियाई रिले चैम्पियनशिप-2026 के समापन समारोह के दौरान औपचारिक रूप से चंडीगढ़ को सौंपा गया था। इसे चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से चैम्पियनशिप में प्रतिनिधित्व करने वाले चंडीगढ़ प्रशासन के खेल निदेशक सौरभ कुमार अरोड़ा चंडीगढ़ लेकर आए।
इस अवसर पर चंडीगढ़ के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद, पंजाब के राज्यपाल के अपर मुख्य सचि विवेक प्रताप सिंह, खेल सचिव प्रेरणा पुरी, भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के सदस्य, चंडीगढ़ एथलेटिक्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि तथा चंडीगढ़ प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रशासक ने इसे चंडीगढ़ के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि शहर को इस प्रतिष्ठित महाद्वीपीय चैम्पियनशिप के अगले संस्करण की मेजबानी का अवसर मिलना सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1989 में आयोजित एशियाई रोइंग चैम्पियनशिप के बाद यह चंडीगढ़ में आयोजित होने वाला सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन होगा और इससे अंतरराष्ट्रीय खेलों के उभरते केंद्र के रूप में शहर की पहचान और मजबूत होगी।
प्रशासक ने बताया कि चैम्पियनशिप का आयोजन सेक्टर-7 स्थित खेल परिसर में किया जाएगा, जिसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उन्नत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन सभी हितधारकों के साथ निकट समन्वय में कार्य कर रहा है तथा विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना, सुरक्षा प्रबंध और सुचारु आयोजन सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। कटारिया ने कहा कि इस स्तर की अंतरराष्ट्रीय चैम्पियनशिप की मेजबानी से युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी, एथलेटिक्स में भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय खिलाड़ियों को एशिया की शीर्ष रिले टीमों का प्रदर्शन देखने का अवसर प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन पर्यटन को भी प्रोत्साहित करेगा और अंतरराष्ट्रीय मंच पर चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा की समृद्ध संस्कृति एवं विरासत को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करेगा।एशियाई रिले चैम्पियनशिप एशियाई एथलेटिक्स संघ द्वारा आयोजित एक प्रतिष्ठित महाद्वीपीय प्रतियोगिता है, जिसमें पुरुष, महिला और मिश्रित वर्ग की रिले स्पर्धाओं, जिनमें 4×100 मीटर और 4×400 मीटर दौड़ शामिल हैं, में एशिया की अग्रणी रिले टीमें भाग लेती हैं।



