नई दिल्ली । पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने चुनाव आयोग (ईसीआई) की मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि ईसीआई के भीतर ही प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंताएं और असहमति रही है। चिदंबरम ने कहा, चुनाव आयोग पूरी तरह गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एसआईआर प्रक्रिया पर संदेह व्यक्त कर बताया था कि चुनाव आयुक्तों और मुख्य चुनाव आयुक्त के बीच 14 मुद्दों पर असहमति थी।
पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री चिदंबरम ने कर्नाटक, महाराष्ट्र और हरियाणा सहित कई राज्यों मेंएसआईआर प्रक्रिया में कथित त्रुटियों का जिक्र कर कहा कि इस प्रक्रिया में भारी खामियां हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर इसमें खामियां नहीं थीं, तब चुनाव आयोग को फिर बैठक करके प्रक्रिया बदलने की आवश्यकता क्यों पड़ती? उनके अनुसार, हाल ही में हुए बदलावों को पूरी तरह रद्द करना चाहिए। हालांकि, चुनाव आयोग ने लगातार यह दावा किया है कि एसआईआर अभ्यास पर सभी अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए थे और इस प्रक्रिया के दौरान उठाई गई टिप्पणियां उसकी विचार-विमर्श प्रक्रिया का हिस्सा थीं।



