यह कार्यक्रम पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया। शुरुआत एक प्रतीकात्मक gesture से हुई, जिसमें सफाई कर्मचारी की पुत्री को फल भेंट किए गए और उसके बाद मुख्य अतिथि को सिग्नेचर वॉल तक ले जाया गया। कपड़े के थैले भी वितरित किए गए ताकि इको-फ्रेंडली आदतें अपनाई जा सकें और सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का उपयोग हतोत्साहित हो। इस अवसर पर MoHUA ने सभी प्रतिभागियों को “स्वच्छता की शपथ” दिलाई और उन्हें स्वच्छता एवं सतत जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
अपने संबोधन में मनोहर लाल खट्टर ने जनभागीदारी की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि स्वच्छ भारत मिशन तभी सफल होगा जब प्रत्येक नागरिक इसकी जिम्मेदारी उठाएगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह एक जन आंदोलन है। उन्होंने रेखांकित किया कि पहले सफाई कार्य को लोग तुच्छ समझते थे, लेकिन माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब यह एक संपूर्ण देश का आंदोलन बन गया है। MoHUA ने कहा कि “स्वच्छता हमारा श्रृंगार, हमारी संस्कृति, हमारा स्वभाव, हमारा कर्म और हमारा धर्म है। स्वच्छता के बिना कोई भी उपलब्धि या प्रतिभा उजागर नहीं हो सकती।”
उन्होंने कहा कि जैसे हम स्वाभाविक रूप से स्वच्छता की ओर आकर्षित होते हैं, उसी प्रकार घर, दुकान, पूजा स्थल, विद्यालय, अस्पताल, सामुदायिक केंद्र और सार्वजनिक स्थलों पर भी स्वच्छता को समान रूप से अपनाना चाहिए। उन्होंने सभी को यह संदेश दिया कि स्वच्छता को एक दैनिक आदत बनाना चाहिए, न कि केवल एक दिन की गतिविधि। श्री खट्टर ने नागरिकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और मीडिया प्रतिनिधियों सहित समाज के सभी वर्गों से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया और कहा कि “सच्चा परिवर्तन तभी संभव है जब हर व्यक्ति पूरे मन से योगदान दे।” इस अवसर पर उपायुक्त चंडीगढ़ निशांत कुमार यादव, आईएएस; विशेष आयुक्त नगर निगम प्रदीप कुमार, आईएएस; एसडीएम साउथ सुश्री ईशा कंबोज, एचसीएस सहित नगर निगम एवं चंडीगढ़ प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



