Lifestyle News : बचपन इंसान की जिंदगी की नींव होती है। एक बच्चा अपने बचपन में किस तरह का व्यवहार सीखता है उसका प्रभाव उसकी पूरी जिंदगी पर पड़ता है। कई बार अभिभावक बच्चों की कुछ छोटी-छोटी गलत आदतों को ये सोचकर नजरअंदाज कर देते हैं कि बड़ा होने पर वो सुधर जाएगा पर यही लापरवाही आगे चलकर बच्चे के व्यवहार पर को खराब कर देती है। इसलिए इन आदतों की अनदेखी न करें।
बड़ों से बदतमीजी करना – कई बच्चे अपने से बड़ों से बात करते समय शिष्टाचार का ध्यान नहीं रखते। वे चिल्लाकर बोलते हैं या उल्टा जवाब देते हैं। बच्चे की ये आदत बहुत ही खराब होती है। जब कोई बच्चा अपने माता-पिता, दादी-दादा या किसी और बड़े से बदतमीजी करता है, तो लोग अभिभावकों की परवरिश पर सवाल उठाने लगते हैं। सबको लगता है कि घर में ही बच्चे को ऐसे संस्कार सिखाए जा रहे हैं। ऐसे में ये जरूरी है कि बच्चे को बड़े और छोटे दोनों का लिहाज करना सिखाया जाए।
नकल करना या मजाक उड़ाना – बच्चे अक्सर किसी की चाल, बोलने के ढंग की नकल करते हैं। जब तक यह नकल पॉजिटिव तरीके से की जाती है, तो ठीक रहती है। लेकिन बच्चे अगर किसी का मजाक उड़ाने लगें, किसी की कमजोरियों की नकल करने लगें, तो ये बदतमीजी होती है। बच्चों की इस हरकत की वजह से अभीभावकों को शर्मिंदगी उठानी पड़ती है। इसलिए बच्चे अगर इस तरह की हरकत करें तो उन्हें प्यार से समझाएं कि किसी का मजाक उड़ाना गलत है और हर किसी का सम्मान करना चाहिए।
झूठ बोलने की आदत – अगर बच्चा बार-बार झूठ बोलने लगे, तो ये बहुत ही खराब आदत है। यूं तो शुरू में ये आदत खेल-खेल में या किसी डांट से बचने के लिए होती है, लेकिन अगर बच्चे को समय रहते समझाया ना जाए तो बच्चा धीरे-धीरे इसे सही समझने लगता है। ऐसा बच्चा स्कूल, दोस्तों और रिश्तेदारों के बीच भरोसेमंद नहीं रहता। बच्चा जब झूठ बोलने लगता है तो इसका असर परिवार की इमेज पर भी पड़ता है। इसलिए बच्चे को सच बोलना सिखाना बहुत जरूरी है, चाहे इसके लिए थोड़ी सख्ती ही क्यों ना करनी पड़े।



