नई दिल्ली-पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक, गुलाब चंद कटारिया ने आज नई दिल्ली में माननीय राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और कई केंद्रीय मंत्रियों के साथ सिलसिलेवार बैठकें कीं। इन बैठकों में उन्होंने पंजाब और चंडीगढ़ के विकास और जनकल्याण से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की, जिनमें नशा मुक्ति, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, बाढ़ प्रबंधन और सांस्कृतिक विकास शामिल हैं। कटारिया ने राष्ट्रपति,द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें दिसंबर में पंजाब के फाजिल्का जिले में असाफवाला वॉर मेमोरियल (युद्ध स्मारक) पर होने वाले विजय दिवस समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया।

इससे पहले, कटारिया ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से भेंट की। इस दौरान पंजाब यूनिवर्सिटी को देश की नंबर एक यूनिवर्सिटी बनाने और वहां एआई (AI) सेंटर स्थापित करने के लक्ष्य पर चर्चा हुई, जिसका भरोसा उपराष्ट्रपति ने अपनी हालिया चंडीगढ़ यात्रा के दौरान दिया था। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री, अमित शाह से मुलाकात के दौरान कटारिया ने चंडीगढ़ को नशा-मुक्त बनाने के कदमों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने नशे के शिकार लोगों के पुनर्वास, पुनर्वास के बाद उनके हुनर विकास (कौशल प्रशिक्षण) और रोजगार के सही अवसर मुहैया कराने में केंद्र से मदद मांगी, ताकि वे नया जीवन शुरू कर सकें।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, जगत प्रकाश नड्डा के साथ बैठक में राज्यपाल ने मेडिकल कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट (PG) की 36 अतिरिक्त सीटों की मांग रखी। साथ ही, उन्होंने ‘चंडीगढ़ रीजनल मेडिकल हब’ परियोजना को पूरी तरह सरकारी खर्च पर विकसित करने के लिए ₹2,000 करोड़ की आर्थिक मदद का अनुरोध किया।केंद्रीय शिक्षा मंत्री, प्रल्हाद जोशी से मुलाकात में कटारिया ने ‘पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज’ (PEC) को पश्चिम बंगाल के ‘बंगाल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, शिबपुर’ की तर्ज पर पूरी तरह से केंद्र पोषित संस्थान (CFTI) बनाने की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने यूजीसी (UGC) नियम 2018 के तहत वर्तमान में डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त इस कॉलेज के लिए कुलपति (वाइस चांसलर) नियुक्त करने की भी अपील की।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री, सी. आर. पाटिल के साथ बैठक में राज्यपाल ने रावी नदी की बाढ़ से अमृतसर, गुरदासपुर और पठानकोट के सीमावर्ती इलाकों में हुए भारी नुकसान का मुद्दा उठाया। उन्होंने बार-बार आने वाली बाढ़ से बचाव और इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक लंबी अवधि की योजना तैयार करने की मांग रखी। कटारिया ने केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री, गजेंद्र सिंह शेखावत का भी आभार जताया, जिन्होंने खरड़ में ‘अज्ज सरोवर’ के लिए ₹93 करोड़ और चंडीगढ़ के सेक्टर-19 स्थित ले कोर्बुसिए केंद्र में ‘डिजिटल म्यूजियम’ बनाने के लिए लगभग ₹19 करोड़ मंजूर किए हैं। इन मुलाकातों का मुख्य मकसद केंद्र सरकार के साथ तालमेल को और मजबूत करना तथा पंजाब और चंडीगढ़ के लोगों के कल्याण और विकास से जुड़ी योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाना था।



