जालंधर । अगले सप्ताह से भारतीय हॉकी के कई सितारे यहां होने वाली एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 में खेलते दिखेंगे। जालंधर और मोहाली में खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह, मनप्रीत सिंह, मंदीप सिंह, जरमनप्रीत सिंह, दिलप्रीत सिंह और कृष्ण बहादुर पाठक जैसे कई दिग्गज खिलाड़ी अपने घरेलू मैदान पर खेलते दिखेंगे। यह उनके लिए सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता नहीं, बल्कि अपने जड़ों से जुड़ने और उस मैदानों पर खेलने का एक भावनात्मक अवसर है, जहाँ से उन्होंने शुरुआत की थी।जालंधर स्थित सुरजीत हॉकी अकादमी का मैदान इन खिलाड़ियों के लिए विशेष महत्व रखता है। यहीं पर इनमें से कई सितारों ने अपने करियर की शुरुआत की रखी और बड़े सपने देखने का साहस जुटाया।
इसी को देखते हुए अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने इस अवसर पर अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि पंजाब में अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेलना उनके लिए बेहद भावुक क्षण होगा। उन्होंने बताया, सुरजीत हॉकी अकादमी में बिताए समय ने हमें सिर्फ हॉकी खेलना ही नहीं सिखाया, बल्कि हमें बड़े सपने देखने की हिम्मत भी दी। मनप्रीत, जिन्होंने 2011 में सीनियर स्तर पर पदार्पण किया था, अपने करियर में 430 मैच खेल चुके हैं और दो ओलंपिक पदक सहित एशियाई खेलों में तीन स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीमों का हिस्सा रहे हैं।वहीं युवा फॉरवर्ड दिलप्रीत सिंह के लिए भी यह टूर्नामेंट खास है, क्योंकि उनका करियर यहीं से शुरू हुआ था। उन्होंने याद किया, मैंने यहीं से अपनी पहली राष्ट्रीय चैंपियनशिप खेली थी और उसके बाद भारतीय टीम में चयन हुआ। उनके माता-पिता भी बेसब्री से उसे घरेलू मैदान पर खेलते देखने का इंतजार कर कर रहे हैं।
वहीं टीम में वापसी कर रहे गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक ने कहा कि सुरजीत अकादमी से जुड़े खिलाड़ियों के लिए यह और भी खास है, क्योंकि वे उसी मैदान पर खेलेंगे जहाँ उन्होंने सात साल तक हॉकी सीखी। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह के लिए भी यह यादगार होगा, क्योंकि उनका पूरा परिवार, जिसमें उनके पिता भी शामिल हैं, पहली बार उन्हें स्टेडियम में देश के लिए खेलते हुए देखने आएगा। जरमनप्रीत सिंह ने भी बताया कि सुरजीत स्टेडियम ने उन्हें उड़ान भरने के लिए पंख दिए और उन्हें टीम में वापसी के लिए कड़ी मेहनत करने का अवसर प्रदान किया। एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारत के अलावा मलेशिया, जापान, चीन, दक्षिण कोरिया और बांग्लादेश की टीमें खिताब के लिए उतरेंगी। भारतीय टीम ने रिकॉर्ड पांच बार यह टूर्नामेंट जीता है। लीग चरण के बाद, सेमीफाइनल और पदक मुकाबले 4 और 5 नवंबर को मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे।



