नई दिल्ली । भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करने का आरोप लगाया। एक प्रेसवार्ता में ईरानी ने कहा कि कांग्रेस अपनी चुनावी हार की समीक्षा करने के बजाय चुनाव आयोग को टारगेट कर रही है। ईरानी ने 2019 के बयान का जिक्र किया जहां कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि खराब करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने तब चेताया था कि उन पर व्यक्तिगत कटाक्ष किए जा सकते हैं, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं और भारत के लोकतंत्र पर हमला नहीं होना चाहिए। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि आज कांग्रेस का नेतृत्व देश की संवैधानिक व्यवस्था को तार-तार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है, और अब चुनाव आयोग को सवालों में घेरों में ला रही है।
भाजपा नेता ने कांग्रेस से सवाल किया कि क्या वह हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरल और कर्नाटक जैसे गैर-भाजपा शासित राज्यों में चुनाव आयोग को क्लीन चिट देती है, या वहां भी उसके मन में सवाल हैं। ईरानी ने कहा कि चुनाव आयोग भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करता है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी सराहना होती है। उन्होंने कांग्रेस के रख आपत्ति जाहिर कि वह मरे हुए और डुप्लीकेट वोटरों के नाम मतदाता सूची में बने रहने देना चाहती है, जबकि चुनाव आयोग खुद इनकी जांच करने को तैयार है। ईरानी के अनुसार, कांग्रेस का यह हमला उसकी लोकतांत्रिक ढांचे में जनता का समर्थन खोने के दुख का परिणाम है, इसलिए वह अपनी हार की समीक्षा से बच रही है। स्मृति ईरानी ने कांग्रेस द्वारा लाहौर सेशन का उल्लेख करने पर भी हैरानी जाहिर की और कांग्रेस के गठन से जुड़े एओ ह्यूम के उस सुझाव को याद दिलाया, जिसमें ब्रिटिश साम्राज्य के संरक्षण के लिए इसकी स्थापना की बात कही गई थी।



