चंडीगढ। भारतीय पुरुष हॉकी टीम के अनुभवी डिफेंडर जरमनप्रीत सिंह ने अपने संन्यास की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उनका लक्ष्य है लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक में टीम को जीत दिलाना है। जरमनप्रीत ने स्पष्ट किया है कि उनका संन्यास का कोई इरादा नहीं है और वह आगे भी खेलते रहेंगे। भारत ने हाल ही में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए क्वालीफाई कर लिया है, जिससे टीम में नए खिलाड़ियों को मौका देने की संभावना बढ़ गई है। ऐसे में कहा जा रहा है कि जरमनप्रीत को शायद ही टीम में जगह मिले। जरमनप्रीत ने हालांकि इन खबरों को खारिज करते हुए कहा, मैं खेलना जारी रखना चाहता हूं और लॉस एंजिल्स ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं।
मैं टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहता हूं। उन्होंने हाल ही में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने को बड़ी उपलब्धि बताया। जरमनप्रीत ने कहा, यह हमारे लिए शानदार अवसर है और हम लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी के बाद हम ओलंपिक के लिए अपनी तैयारी शुरू करेंगे। मैं चाहता हूं कि टीम वहां अच्छा प्रदर्शन करे और स्वर्ण पदक जीते।वहीं भारतीय टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने भी संन्यास की अटकलों को महज अफवाह करार दिया है। अपने अब तक के करियर में 171 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके जरमनप्रीत, टोक्यो ओलंपिक 2020 में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम के एक प्रमुख सदस्य थे।
वह हाल ही में संपन्न हुए एशियाई खेल 2022 (जो 2023 में आयोजित हुए) में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का भी हिस्सा थे। उन्होंने कहा, मैंने अपने रक्षात्मक कौशल को बेहतर बनाने, अच्छे अवसर पैदा करने और टीम की जीत में योगदान देने की कोशिश की है। मैं एक डिफेंडर के रूप में अपने खेल में लगातार सुधार करने की कोशिश करता रहूंगा। जरमनप्रीत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब टीम एकजुटता और भविष्य की योजनाओं को लेकर स्पष्टता चाहती है, और अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका पर बहस छिड़ी हुई है।



