HomeNationalकिसानों को मोदी सरकार का तोहफा, 6 रबी फसलों का एमएसपी बढ़ाया

किसानों को मोदी सरकार का तोहफा, 6 रबी फसलों का एमएसपी बढ़ाया

1.86 लाख करोड़ के ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर को भी मंजूरी

नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने रबी सीजन 2027-28 के लिए गेहूं समेत 6 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। सरकार का कहना है कि इसका मकसद किसानों को उनकी फसल का बेहतर और उचित दाम दिलाना है। इन 6 फसलों में गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों-रेपसीड और कुसुम शामिल हैं।सरकार ने सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कुसुम के एमएसपी में की है। इसका एमएसपी 675 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है। इसके बाद सरसों और रेपसीड के एमएसपी में 413 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है।

बाकी फसलों के एमएसपी में इतनी बढ़ोतरी की गई है:
मसूर: 390 रुपये प्रति क्विंटल
जौ: 136 रुपये प्रति क्विंटल
चना: 83 रुपये प्रति क्विंटल
गेहूं: 25 रुपये प्रति क्विंटल

एमएसपी बढ़ाने का फैसला क्यों लिया गया? – सरकार ने बताया कि एमएसपी में यह बढ़ोतरी 2018-19 के केंद्रीय बजट में तय किए गए नियम के मुताबिक है। इस नियम के तहत किसानों को उनकी फसल की औसत लागत से कम से कम 1.5 गुना एमएसपी देने का लक्ष्य रखा गया था। सरकार के अनुमान के मुताबिक, फसल उगाने की लागत निकालने के बाद किसानों को गेहूं में करीब 106 प्रतिशत, सरसों और रेपसीड में 96 प्रतिशत, मसूर में 92 प्रतिशत, चना में 59 प्रतिशत, जौ में 58 प्रतिशत और कुसुम में 50 प्रतिशत तक का फायदा मिल सकता है।

दाल और तिलहन की खेती को भी बढ़ावा – सरकार पिछले कुछ सालों से किसानों को सिर्फ गेहूं-चावल जैसी अनाज वाली फसलों पर निर्भर रहने के बजाय दाल और तिलहन जैसी फसलें उगाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए इन फसलों का एमएसपी तुलनात्मक रूप से ज्यादा रखा जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इससे किसान दूसरी फसलों की खेती की ओर भी जा सकते हैं।

गेहूं की सरकारी खरीद कितनी बढ़ी? – सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2014-15 से 2025-26 के बीच सरकार ने करीब 3,715 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा। इससे पहले 2004-05 से 2013-14 के 10 साल के दौरान गेहूं की सरकारी खरीद करीब 2,254 मीट्रिक टन थी। यानी पिछले दौर की तुलना में सरकार की ओर से गेहूं की खरीद काफी बढ़ी है।

6 रबी फसलों की सरकारी खरीद – अगर गेहूं के साथ 6 प्रमुख रबी फसलों को देखें, तो 2004-05 से 2013-14 के दौरान इनकी कुल सरकारी खरीद करीब 2,302 मीट्रिक टन थी। वहीं, 2014-15 से 2025-26 के दौरान यह बढक़र करीब 3,921 मीट्रिक टन हो गई।

किसानों को एमएसपी के तहत कितना भुगतान हुआ? – गेहूं उगाने वाले किसानों को भी एमएसपी के तहत मिलने वाला भुगतान बढ़ा है। 2014-15 से 2025-26 के दौरान गेहूं किसानों को एमएसपी के तहत करीब 7.31 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। वहीं, 2004-05 से 2013-14 के दौरान यह रकम करीब 2.56 लाख करोड़ रुपये थी। इसी तरह, 6 प्रमुख रबी फसलों के किसानों को एमएसपी के तहत किया गया कुल भुगतान 2004-05 से 2013-14 के दौरान करीब 2.65 लाख करोड़ रुपये था, जो 2014-15 से 2025-26 के दौरान बढक़र 8.36 लाख करोड़ रुपये हो गया। कुल मिलाकर, सरकार का कहना है कि एमएसपी में यह बढ़ोतरी किसानों को फसल का बेहतर दाम दिलाने के साथ-साथ दाल और तिलहन जैसी फसलों की खेती को बढ़ावा देने में मदद करेगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments