नई दिल्ली। देशभर में दीपावली और छठ पूजा जैसे बड़े त्योहारों का आगमन हो रहा है, और इसके साथ ही अपने घरों को लौटने वाले यात्रियों की भीड़ ने रेलवे और हवाई अड्डों पर दबाव बढ़ा दिया है। लाखों की संख्या में लोग देश के विभिन्न हिस्सों, खासकर महानगरों से अपने पैतृक स्थानों की ओर प्रस्थान करते हैं। इस भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष फेस्टिवल ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश, जो देश के सबसे अधिक आबादी वाले राज्यों में से एक है और जहां से बड़ी संख्या में लोग काम के सिलसिले में बाहर रहते हैं, इस मामले में एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। दीपावली और छठ पूजा के दौरान यूपी से 44 से अधिक विशेष ट्रेनें होकर गुजरेंगी, जो बिहार, पंजाब, दिल्ली और जम्मू जैसे प्रमुख गंतव्यों के लिए सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी।
ये विशेष ट्रेनें पूरे अक्टूबर और नवंबर तक यात्रियों को सेवाएं प्रदान करेंगी। मौजूदा स्थिति यह है कि कुंभ, अमृतसर-हावड़ा, जनता, श्रमजीवी, काशीविश्वनाथ, गरीब रथ, गरीब नवाज, लखनऊ-चंडीगढ़ जैसी लंबी दूरी की नियमित ट्रेनों में अभी से ही टिकटों की भारी मारामारी है। 10 अक्टूबर के बाद इन ट्रेनों में नो रूम और रिग्रेट जैसी स्थिति दिखाई देने लगी है, जिससे स्पष्ट होता है कि सामान्य सेवाएं मांग को पूरा करने में अक्षम हैं। ऐसे में ये फेस्टिवल ट्रेनें भीषण भीड़ के नियंत्रण में एक बड़ी मददगार साबित होंगी। यूपी के बरेली जैसे महत्वपूर्ण जंक्शन से होकर अप-डाउन की 44 से अधिक स्पेशल ट्रेनें गुजरेंगी, जिनसे लोगों को त्योहार पर अपने घर जाना-आना आसान हो जाएगा। रेलवे का यह कदम हर साल होने वाली भीड़भाड़ को देखते हुए एक राहत भरी पहल है। केवल रेल ही नहीं, हवाई यात्रा का हाल भी कुछ ऐसा ही है।
दीपावली, छठ पूजा और दशहरा पर छुट्टियों के कारण दिल्ली, बेंगलुरु, नवी मुंबई और जेवर जैसे शहरों से टिकटों की बुकिंग पहले ही शुरू हो चुकी है। औसतन इन शहरों से यूपी के बरेली जैसे स्थानों का हवाई टिकट सात से आठ हजार रुपये के बीच रहता है, लेकिन नवंबर के पहले सप्ताह में यह कीमत बढ़कर 12 से 16 हजार रुपये तक पहुंच जाती है यानी दोगुना महंगा। यह बढ़ोतरी त्योहारों के मौसम में मांग और आपूर्ति के बीच के भारी अंतर को दर्शाती है। दिल्ली, मुंबई, नोएडा और बेंगलुरु में हजारों की संख्या में आईटी सेक्टर में कार्यरत युवा रहते हैं, जो बड़े त्योहारों पर अक्सर हवाई यात्रा से घर आते हैं। यात्रियों की संख्या अधिक होने और एयर टिकटों की कमी के चलते उन्हें अक्सर महंगे किराए पर यात्रा करनी पड़ती है। ऐसे में रेलवे की ये विशेष पहल लाखों लोगों के लिए एक बड़ी राहत बनकर आई है, जिससे वे अपने प्रियजनों के साथ खुशी से त्योहार मना सकें और उन्हें घर पहुंचने के लिए अतिरिक्त मशक्कत या अत्यधिक खर्च का सामना न करना पड़े। यह पहल न केवल यात्रियों को सुविधा देगी बल्कि त्योहारों के दौरान होने वाली अव्यवस्था को कम करने में भी मदद करेगी।



