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‘शुद्धिकरण’ करने वालों पर कार्रवाई नहीं, आवाज उठाने वाले राहुल गांधी पर मुकदमा कैसा न्याय : कुमारी सैलजा

सिरसा – सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी में जनसभा के बाद कथित रूप से किए गए ‘शुद्धिकरण’ के मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अन्याय और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाना विपक्ष की जिम्मेदारी है और ऐसी आवाज को मुकदमों के माध्यम से दबाने का प्रयास उचित नहीं है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे स्वयं इस घटना को संसद में उठा चुके हैं और उन्होंने इस कृत्य को अपने सम्मान तथा सामाजिक समानता से जुड़ा गंभीर विषय बताया था। इसके बाद राहुल गांधी ने भी इस मामले में कानून के तहत कार्रवाई की मांग की। सवाल यह है कि यदि कोई घटना किसी व्यक्ति या समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाती है तो सरकार का दायित्व निष्पक्ष जांच कराकर तथ्यों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई करना होना चाहिए, न कि सवाल उठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना।सांसद ने कहा कि कांग्रेस का स्पष्ट मानना है कि जाति के आधार पर किसी व्यक्ति का अपमान, भेदभाव अथवा छुआछूत जैसी सोच आधुनिक और संवैधानिक भारत में स्वीकार नहीं की जा सकती। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार देता है। इन मूल्यों की रक्षा करना केंद्र और राज्य सरकारों सहित सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।
कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण में उत्तराखंड की भाजपा सरकार का रवैया निष्पक्ष दिखाई नहीं दे रहा। कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना पर कार्रवाई की मांग लंबे समय से की जा रही है, जबकि इसके विरुद्ध आवाज उठाने पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और किसी भी मामले की जांच राजनीतिक पूर्वाग्रह से नहीं, बल्कि संविधान और कानून के अनुसार होनी चाहिए।सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस गंभीर सामाजिक विषय पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। देश जानना चाहता है कि सामाजिक समानता और दलित सम्मान से जुड़े ऐसे संवेदनशील मामलों में सरकार की नीति क्या है। केवल सामाजिक समरसता की बात करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जहां भी भेदभाव या अपमान की शिकायत सामने आए, वहां निष्पक्ष जांच और कानूनसम्मत कार्रवाई भी दिखाई देनी चाहिए।
कुमारी सैलजा ने कहा कि राहुल गांधी लगातार संविधान, सामाजिक न्याय, समानता और वंचित वर्गों के अधिकारों की आवाज उठा रहे हैं। मुकदमों अथवा राजनीतिक दबाव से कांग्रेस इन मुद्दों पर पीछे हटने वाली नहीं है। कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के संघर्ष से जुड़ा रहा है।कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस इस मामले में किसी प्रकार के टकराव के बजाय संवैधानिक, कानूनी और लोकतांत्रिक रास्ता अपनाएगी। दलितों, वंचितों और कमजोर वर्गों के सम्मान की रक्षा तथा संविधान में प्रदत्त समानता के अधिकार के लिए पार्टी अपनी आवाज मजबूती से उठाती रहेगी। देश में किसी भी नागरिक को उसकी जाति के कारण अपमानित महसूस करना पड़े, ऐसी मानसिकता के लिए लोकतांत्रिक भारत में कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
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