नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान एंटी पेपर लीक विधेयक को लेकर जारी गतिरोध सोमवार शाम समाप्त हो गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सहमति बनने के बाद अब लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) विधेयक, 2026 पर मंगलवार, 28 जुलाई को दोपहर 12 बजे से विस्तृत चर्चा होगी। लगातार बाधित हो रही सदन की कार्यवाही के बीच यह सहमति संसद के कामकाज को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
सोमवार को अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि यह विधेयक देश के करोड़ों विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है, इसलिए इस पर व्यापक और सार्थक चर्चा होनी चाहिए।उन्होंने सरकार और विपक्ष दोनों से संवाद के माध्यम से समाधान निकालने का आग्रह किया तथा शाम तक विभिन्न दलों के फ्लोर लीडरों से अलग-अलग बातचीत की। इन प्रयासों के बाद दोनों पक्ष चर्चा के लिए तैयार हो गए।सरकार का कहना है कि यह विधेयक सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल, संगठित परीक्षा माफिया और अन्य अनुचित गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से लाया गया है।
मंगलवार को होने वाली चर्चा के दौरान विभिन्न राजनीतिक दल विधेयक के प्रावधानों पर अपने सुझाव और संशोधन भी प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद सरकार उनका जवाब देगी और फिर विधेयक को सदन की स्वीकृति के लिए रखा जाएगा।इससे पहले केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा में विधेयक पेश किया था। उस समय विपक्षी सदस्य छात्रों पर कार्रवाई और अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर वेल में डटे रहे, जिसके कारण अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। अब सहमति बनने के बाद मंगलवार की चर्चा पर सभी की निगाहें टिकी हैं।



