शिमला। हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश ने कहर बरपाया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हुआ है। प्रदेश भर में 259 से अधिक सड़कें यातायात के लिए बंद हुई हैं, जिसमें मनाली हाईवे और मंडी के तीन राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं, इसके परिणामस्वरूप मंडी और कुल्लू का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। मनाली हाईवे पर यातायात कुछ समय के लिए बहाल हुआ था, लेकिन भूस्खलन का सिलसिला जारी रहने से फिर बाधित हुआ है।
कुल्लू के आनी उपमंडल में राष्ट्रीय राजमार्ग-305 पर बराड़ के पास चट्टानें गिरने से एक कार पत्थरों के नीचे दब गई। दुर्घटना में अब्दुल रहमान और परम ठाकुर नामक दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए रामपुर अस्पताल भेजा गया है। शिमला के संजौली में भी रात को हुए भूस्खलन से तीन बाइक मलबे में दब गईं, जबकि कुल्लू के आनी में बस स्टैंड के पास दो अन्य गाड़ियों पर मलबा गिरने की खबर है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आगामी दिनों में भी भारी वर्षा की चेतावनी देकर येलो अलर्ट घोषित किया है। चंबा के भटियात में सर्वाधिक 95.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार, 259 सड़कों के अलावा, 161 बिजली ट्रांसफार्मर और 54 जल आपूर्ति योजनाएं भी ठप पड़ गई हैं, जिससे कई क्षेत्रों में बिजली और पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
सड़कों के बंद होने से सबसे अधिक प्रभावित मंडी जिला हुआ है, जहां 120 सड़कें बाधित हैं। इसके बाद चंबा में 42, कुल्लू में 40 और शिमला में 30 सड़कें भूस्खलन और मलबे के कारण बंद पड़ी हैं। भारी वर्षा के चलते पंडोह बांध से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे व्यास नदी का जलस्तर बढ़ गया है और प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील की है। प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों को बहाल करने और आवश्यक सेवाओं को सुचारु करने के लिए प्रशासन युद्धस्तर पर जुटा हुआ है।



